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आंधी से तबाही, गेहूं की फसल बर्बाद, पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
fatehpur
Updated Thu, 03 May 2018 11:18 PM IST
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- सिविल लाइन में आंधी से गिरा नीम का पेड़।
- फोटो : amarujala
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फतेहपुर। जिले में बुधवार देर रात आंधी के साथ बारिश ने तबाही मचाई। पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से आवागमन बाधित हो गया। छप्पर और टिनशेड उड़ गए। गेहूं के बोझ खेत से उड़ कर दूर पहुंच गए। हरी सब्जी और मूंग की खेती करने वाले किसानों को बारिश से राहत मिली है। 40 से 45 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी आई है।
आंधी से शहर के सिविल लाइंस में नीम का पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे रात भर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। लोग आईटीआई रोड, प्रेक्षागृह वाली सड़क से आवागमन करते रहे। सुबह साढ़े आठ बजे के बाद पेड़ को हटाया गया। जैसे-तैसे डाल को किनारे कर आवागमन शुरू कराया गया। ज्वालागंज में एक मोबाइल कंपनी का टावर तेज आंधी में टूट गया। इससे मोबाइल की नेटवर्किंग सेवा धड़ाम हो गई। नगर पालिका परिसर में बिजली सही करने वाली गाड़ी के ऊपर नीम का पेड़ गिर गया। इससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। गेहूं क्रय केंद्रों में किसानों का गेहूं भीग गया। सुबह से किसान क्रय केंद्र में गेहूं सुखाने में जुट गए।
हसवा प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक मुख्यालय के पास रेलवे क्रासिंग जाने वाले मार्ग में डाल टूटकर लटक गई। इससे लोग वैकल्पिक रास्ते से निकलते रहे। इसी प्रकार बक्सपुर गांव के सामने बबूल का पेड़ रोड पर गिर गया। उस मार्ग से स्कूली वाहन न निकल पाने से बच्चे देर से स्कूल पहुंचे। पेड़ काटने के बाद नौ बजे आवागमन शुरू हुआ।
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चौडगरा प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से किसानों के गेहूं के बोझ उड़कर नहर में पहुंच गए। सुबह किसान पानी से बाहर निकाल कर ले गए। जलाला गांव के एक किसान के नलकूप की कोठरी मेें पेड़ गिर जाने से क्षतिग्रस्त हो गई। खेत से किसानों का भूसा उड़ गया। मौसम वैज्ञानिक अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि 40 से 45 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी आई है। आगे मौसम साफ रहेगा और गर्मी बढ़ेगी।
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हजारों क्विंटल गेहूं भीगा
फतेहपुर। मंडी समिति समेत गेहूं के कई क्रय केंद्रों में अधिकारियों की लापरवाही से हजारों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से गेहूं भीगा है। केंद्र प्रभारी बिचौलियों से सांठगांठ कर उनका गेहूं खरीद रहे हैं। एक सप्ताह से क्रय केंद्र में गेहूं तौल कराने के लिए लाइन लगाए हैं। अभी तक तौल नहीं हुई है। केंद्र प्रभारी शक्ति कुमार जायसवाल ने बताया कि किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। जो किसान बिना सूचना के गेहूं ले आते हैं। उनकी खरीद नहीं हो पाई है। इसमें किसानों की गलती है।
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किसानों का नहीं हुआ नुकसान - तहसीलदार
सदर तहसीलदार जेपी पांडेय ने बताया कि लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों की रिपोर्ट में खास नुकसान का मामला सामने नहीं आया है। 30 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर दैवी आपदा की श्रेणी में आता है। तभी किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
आंधी में उड़ गई गेहूं की फसल
अमौली। आंधी से यमुना तटवर्ती क्षेत्र के किसानों को बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र के कई किसानों की पूरी गेहूं की फसल उड़ गई। सुबह से किसान गेहूं के बोझ को समेटने में लगे हैं। वहीं, बेहटा खुर्द गांव में नीम का पेड़ टूटकर भैंस के ऊपर गिर गया और भैंस मर गई। केवटरा गांव में दीवार गिरने से शिवप्रसाद और उनकी पत्नी दब कर घायल हो गए। मकरंदपुर गांव के उदय दुबे व शरद दुबे की 35-35 बीघा गेहूं की फसल छितरा गई। दुर्गा शंकर द्विवेदी की 13 बीघा फसल और सिकंदरपुर के किसान अरविंद सिंह की 30 बीघा गेहूं की फसल भी इसी तरह छितरा गई। फसल को मजदूरों ने बोझ बांध कर खेत में छोड़ दिया था। वहीं, मकरंदपुर गांव में आंधी से ट्रांसफार्मर वाला खंभा टूट गया। इससे ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। गांव की आपूर्ति बंद हो गई। इसी प्रकार औंरा निस्सी, सिकंदरपुर, चांदपुर, परसेढ़ा, दपसौरा, केवटरा, गौरा, बुढ़वा, सालेपुर, सरहन बुजुर्ग, गोहरारी यमुना तटवर्ती गांव में आंधी ने तबाई मचाई है।
आंधी में उड़े बोझों को लेकर भिड़े किसान
जाफरगंज। खजुहा विकास खंड के यमुना तटवर्ती क्षेत्र में भी बर्बादी हुई। गुरुवार सुबह विकास खंड के बारा, ककोरा, खदरी, गांजर, सुल्तानगढ़, बरवा खूंटाझाल, शुक्लनपुर, बहादुरपुर, गहरुखेड़ा, श्यामपुर, सिजौली, खोटिला सहित गांवों में किसानों में अपने-अपने बोझ को लेकर नोकझोंक हुई।
बिंदकी में टिनशेड गिरने से कई घायल, पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
किसानों का उड़ा भूसा भीगा गेहूं
बिंदकी। आंधी-बारिश से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ललौली रोड, कुंवरपुर रोड, खजुुहा रोड में कई पेड़ों के गिरने से बांदा सागर हाईवे में जाम लग गया। सीओ अभिषेक तिवारी, कोतवाल एपी तिवारी ने जेसीबी से पेड़ों को किनारे कराकर जाम खुलवाया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर लकड़ी उठा ले जाने को कहा। पेड़ गिरने से सीएचसी का गेट टूटकर गिर गया।
नगर के जहानपुर निवासी रामपाल (60), नंदापुर निवासिनी रजिया देवी (55) के सिर पर टिन गिरने से वह घायल हो गए। हूसेपुर निवासी जगदीश की पत्नी कीर्ती देवी (62), जोनिहां की रूबी (35) छत से गिर कर घायल हो गईं। घायलों को सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया गया। रामपाल, रजिया की हालत चिंताजनक देख डाक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया है। उधर, सैकड़ों क्विंटल भूसा भी उड़ गया।
इनसेट-
पान की गुमटी पर गिरी डाल
बिंदकी। नगर के ललौली चौराहे में बाबा पान भंडार के संचालक बाबा गोस्वामी आंधी के समय अपनी पान की गुमटी पर बैठे थे। तभी पेड़ की डाल टूटकर उनकी गुमटी पर जा गिरी। गुमटी क्षतिग्रस्त हो गई। पिकेट में लगे पुलिस कर्मियों ने राहगीरों, पड़ोसियों की मदद से पेड़ की डाल हटवा कर बाबा गोस्वामी (62) को बाहर निकाला। जिनके मामूली चोटें हैं।
दीवार गिरने से दबे परिजन
अमौली। चांदपुर थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव में चंद्रपाल प्रजापति (55) उनकी पत्नी शिवदेवी (45), पुत्र हिमांशु (10), पुत्री रूबी (18), स्वाती (14) बुधवार की रात घर में सो रहे थे। रात में आई आंधी से उनकी दीवार गिर गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर परिजनों को बाहर निकाला और सीएचसी अमौली में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान हिमांशु की हालत चिंताजनक देख डाक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया है।
बिजली गिरने से जले मकान
अमौली। चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव औंरा निस्ती में बुधवार रात आंधी पानी के साथ बिजली कहर बनकर चेतराम के घर जा गिरी। उसके मकान में आग लग गई। मकान को जलते देख परिजनों को बाहर निकाला गया। आग बुझाने में जुटे ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड बिंदकी को सूचना दी, लेकिन दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच सकी। पड़ोसी रामकरन के कमरे को भी आग ने आगोश में ले लिया। राजस्व निरीक्षक नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस अग्निकांड में चेतराम का पूरा मकान, घर गृहस्थी, एक लाख नगदी समेत लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ है। रामकरन को एक लाख की क्षति उठानी पड़ी है। औंग प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से कई गांवों के बिजली के तार टूट गए। दुर्गागंज में एचटी लाइन का पोल टूटा जिससे बिजली गुल हो गई। इसी प्रकार गेहूं के बोझ भी उड़ गए।
आंधी से संचार सेवा भी हुई ठप
आंधी से संचार सेवा भी प्रभावित हुई है। शहर के सिविल लाइन, देवीगंज, शादीपुर इलाकों में तार टूटने और पेड़ों के गिरने से संचार सेवा ठप हो गई। दिनभर ब्राडबैंड बंद रहा जिससे लोग इंटरनेट सेवा का लाभ नहीं ले पाए। दूरसंचार के जिला प्रबंधक यूपी सिंह ने बताया कि फाल्ट सही कराया जा रहा है। रात तक ब्राडबैंड सेवा शुरू हो जाएगी।
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डेढ़ सौ से ज्यादा पोल उखड़े, बिजली आपूर्ति बेपटरी
बिजली विभाग ने 70 लाख के नुकसान का किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। आंधी ने बिजली उपभोक्ताओं और विभाग दोनों को हलाकान कर दिया। अफसरों ने 70 लाख रुपये से अधिक की चपत लगने का अनुमान लगाया है। डेढ़ सौ से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गए। पूरे जनपद की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। गुरुवार देर शाम तक बिजली विभाग के कर्मी नुकसान का आकलन करने और विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने में लगे रहे।
बिजली विभाग के शहर क्षेत्र के अधिशासी अभियंता एसडी सिंह ने बताया कि दस लाख से अधिक की क्षति हुई है। शहर के मसवानी, शांती नगर, कलक्ट्रेट और जयराम नगर क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक पोल गिर गए। साथ ही ब्रेक डाउन की वजह से आपूर्ति भी ध्वस्त रही। रातभर बिजली आपूर्ति ठप रही और दिन का आधा वक्त फाल्ट पता करने में निकल गया। काफी मशक्कत के बाद शाम को आपूर्ति व्यवस्था बहाल की जा सकी।
एक्सईएन आरएन सिंह ने बताया कि खागा तहसील क्षेत्र में तकरीबन 40 पोल टूटने की सूचना मिली है। कस्बे में आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में आपूर्ति नहीं शुरू की जा सकी। अधिशासी अभियंता बिंदकी सरोज कुमार ने बताया कि बिंदकी तहसील क्षेत्र में 36 खंभे उखड़े हैं और 33 केवी की ग्यारह लाइनें डैमेज हुईं। जिनमें से देर शाम तक छह लाइनों को ही बहाल किया जा सका।
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आंधी से शहर के सिविल लाइंस में नीम का पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे रात भर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। लोग आईटीआई रोड, प्रेक्षागृह वाली सड़क से आवागमन करते रहे। सुबह साढ़े आठ बजे के बाद पेड़ को हटाया गया। जैसे-तैसे डाल को किनारे कर आवागमन शुरू कराया गया। ज्वालागंज में एक मोबाइल कंपनी का टावर तेज आंधी में टूट गया। इससे मोबाइल की नेटवर्किंग सेवा धड़ाम हो गई। नगर पालिका परिसर में बिजली सही करने वाली गाड़ी के ऊपर नीम का पेड़ गिर गया। इससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। गेहूं क्रय केंद्रों में किसानों का गेहूं भीग गया। सुबह से किसान क्रय केंद्र में गेहूं सुखाने में जुट गए।
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हसवा प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक मुख्यालय के पास रेलवे क्रासिंग जाने वाले मार्ग में डाल टूटकर लटक गई। इससे लोग वैकल्पिक रास्ते से निकलते रहे। इसी प्रकार बक्सपुर गांव के सामने बबूल का पेड़ रोड पर गिर गया। उस मार्ग से स्कूली वाहन न निकल पाने से बच्चे देर से स्कूल पहुंचे। पेड़ काटने के बाद नौ बजे आवागमन शुरू हुआ।
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चौडगरा प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से किसानों के गेहूं के बोझ उड़कर नहर में पहुंच गए। सुबह किसान पानी से बाहर निकाल कर ले गए। जलाला गांव के एक किसान के नलकूप की कोठरी मेें पेड़ गिर जाने से क्षतिग्रस्त हो गई। खेत से किसानों का भूसा उड़ गया। मौसम वैज्ञानिक अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि 40 से 45 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी आई है। आगे मौसम साफ रहेगा और गर्मी बढ़ेगी।
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हजारों क्विंटल गेहूं भीगा
फतेहपुर। मंडी समिति समेत गेहूं के कई क्रय केंद्रों में अधिकारियों की लापरवाही से हजारों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से गेहूं भीगा है। केंद्र प्रभारी बिचौलियों से सांठगांठ कर उनका गेहूं खरीद रहे हैं। एक सप्ताह से क्रय केंद्र में गेहूं तौल कराने के लिए लाइन लगाए हैं। अभी तक तौल नहीं हुई है। केंद्र प्रभारी शक्ति कुमार जायसवाल ने बताया कि किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। जो किसान बिना सूचना के गेहूं ले आते हैं। उनकी खरीद नहीं हो पाई है। इसमें किसानों की गलती है।
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किसानों का नहीं हुआ नुकसान - तहसीलदार
सदर तहसीलदार जेपी पांडेय ने बताया कि लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों की रिपोर्ट में खास नुकसान का मामला सामने नहीं आया है। 30 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर दैवी आपदा की श्रेणी में आता है। तभी किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
आंधी में उड़ गई गेहूं की फसल
अमौली। आंधी से यमुना तटवर्ती क्षेत्र के किसानों को बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र के कई किसानों की पूरी गेहूं की फसल उड़ गई। सुबह से किसान गेहूं के बोझ को समेटने में लगे हैं। वहीं, बेहटा खुर्द गांव में नीम का पेड़ टूटकर भैंस के ऊपर गिर गया और भैंस मर गई। केवटरा गांव में दीवार गिरने से शिवप्रसाद और उनकी पत्नी दब कर घायल हो गए। मकरंदपुर गांव के उदय दुबे व शरद दुबे की 35-35 बीघा गेहूं की फसल छितरा गई। दुर्गा शंकर द्विवेदी की 13 बीघा फसल और सिकंदरपुर के किसान अरविंद सिंह की 30 बीघा गेहूं की फसल भी इसी तरह छितरा गई। फसल को मजदूरों ने बोझ बांध कर खेत में छोड़ दिया था। वहीं, मकरंदपुर गांव में आंधी से ट्रांसफार्मर वाला खंभा टूट गया। इससे ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। गांव की आपूर्ति बंद हो गई। इसी प्रकार औंरा निस्सी, सिकंदरपुर, चांदपुर, परसेढ़ा, दपसौरा, केवटरा, गौरा, बुढ़वा, सालेपुर, सरहन बुजुर्ग, गोहरारी यमुना तटवर्ती गांव में आंधी ने तबाई मचाई है।
आंधी में उड़े बोझों को लेकर भिड़े किसान
जाफरगंज। खजुहा विकास खंड के यमुना तटवर्ती क्षेत्र में भी बर्बादी हुई। गुरुवार सुबह विकास खंड के बारा, ककोरा, खदरी, गांजर, सुल्तानगढ़, बरवा खूंटाझाल, शुक्लनपुर, बहादुरपुर, गहरुखेड़ा, श्यामपुर, सिजौली, खोटिला सहित गांवों में किसानों में अपने-अपने बोझ को लेकर नोकझोंक हुई।
बिंदकी में टिनशेड गिरने से कई घायल, पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
किसानों का उड़ा भूसा भीगा गेहूं
बिंदकी। आंधी-बारिश से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ललौली रोड, कुंवरपुर रोड, खजुुहा रोड में कई पेड़ों के गिरने से बांदा सागर हाईवे में जाम लग गया। सीओ अभिषेक तिवारी, कोतवाल एपी तिवारी ने जेसीबी से पेड़ों को किनारे कराकर जाम खुलवाया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर लकड़ी उठा ले जाने को कहा। पेड़ गिरने से सीएचसी का गेट टूटकर गिर गया।
नगर के जहानपुर निवासी रामपाल (60), नंदापुर निवासिनी रजिया देवी (55) के सिर पर टिन गिरने से वह घायल हो गए। हूसेपुर निवासी जगदीश की पत्नी कीर्ती देवी (62), जोनिहां की रूबी (35) छत से गिर कर घायल हो गईं। घायलों को सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया गया। रामपाल, रजिया की हालत चिंताजनक देख डाक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया है। उधर, सैकड़ों क्विंटल भूसा भी उड़ गया।
इनसेट-
पान की गुमटी पर गिरी डाल
बिंदकी। नगर के ललौली चौराहे में बाबा पान भंडार के संचालक बाबा गोस्वामी आंधी के समय अपनी पान की गुमटी पर बैठे थे। तभी पेड़ की डाल टूटकर उनकी गुमटी पर जा गिरी। गुमटी क्षतिग्रस्त हो गई। पिकेट में लगे पुलिस कर्मियों ने राहगीरों, पड़ोसियों की मदद से पेड़ की डाल हटवा कर बाबा गोस्वामी (62) को बाहर निकाला। जिनके मामूली चोटें हैं।
दीवार गिरने से दबे परिजन
अमौली। चांदपुर थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव में चंद्रपाल प्रजापति (55) उनकी पत्नी शिवदेवी (45), पुत्र हिमांशु (10), पुत्री रूबी (18), स्वाती (14) बुधवार की रात घर में सो रहे थे। रात में आई आंधी से उनकी दीवार गिर गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर परिजनों को बाहर निकाला और सीएचसी अमौली में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान हिमांशु की हालत चिंताजनक देख डाक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया है।
बिजली गिरने से जले मकान
अमौली। चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव औंरा निस्ती में बुधवार रात आंधी पानी के साथ बिजली कहर बनकर चेतराम के घर जा गिरी। उसके मकान में आग लग गई। मकान को जलते देख परिजनों को बाहर निकाला गया। आग बुझाने में जुटे ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड बिंदकी को सूचना दी, लेकिन दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच सकी। पड़ोसी रामकरन के कमरे को भी आग ने आगोश में ले लिया। राजस्व निरीक्षक नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस अग्निकांड में चेतराम का पूरा मकान, घर गृहस्थी, एक लाख नगदी समेत लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ है। रामकरन को एक लाख की क्षति उठानी पड़ी है। औंग प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से कई गांवों के बिजली के तार टूट गए। दुर्गागंज में एचटी लाइन का पोल टूटा जिससे बिजली गुल हो गई। इसी प्रकार गेहूं के बोझ भी उड़ गए।
आंधी से संचार सेवा भी हुई ठप
आंधी से संचार सेवा भी प्रभावित हुई है। शहर के सिविल लाइन, देवीगंज, शादीपुर इलाकों में तार टूटने और पेड़ों के गिरने से संचार सेवा ठप हो गई। दिनभर ब्राडबैंड बंद रहा जिससे लोग इंटरनेट सेवा का लाभ नहीं ले पाए। दूरसंचार के जिला प्रबंधक यूपी सिंह ने बताया कि फाल्ट सही कराया जा रहा है। रात तक ब्राडबैंड सेवा शुरू हो जाएगी।
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डेढ़ सौ से ज्यादा पोल उखड़े, बिजली आपूर्ति बेपटरी
बिजली विभाग ने 70 लाख के नुकसान का किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। आंधी ने बिजली उपभोक्ताओं और विभाग दोनों को हलाकान कर दिया। अफसरों ने 70 लाख रुपये से अधिक की चपत लगने का अनुमान लगाया है। डेढ़ सौ से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गए। पूरे जनपद की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। गुरुवार देर शाम तक बिजली विभाग के कर्मी नुकसान का आकलन करने और विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने में लगे रहे।
बिजली विभाग के शहर क्षेत्र के अधिशासी अभियंता एसडी सिंह ने बताया कि दस लाख से अधिक की क्षति हुई है। शहर के मसवानी, शांती नगर, कलक्ट्रेट और जयराम नगर क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक पोल गिर गए। साथ ही ब्रेक डाउन की वजह से आपूर्ति भी ध्वस्त रही। रातभर बिजली आपूर्ति ठप रही और दिन का आधा वक्त फाल्ट पता करने में निकल गया। काफी मशक्कत के बाद शाम को आपूर्ति व्यवस्था बहाल की जा सकी।
एक्सईएन आरएन सिंह ने बताया कि खागा तहसील क्षेत्र में तकरीबन 40 पोल टूटने की सूचना मिली है। कस्बे में आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में आपूर्ति नहीं शुरू की जा सकी। अधिशासी अभियंता बिंदकी सरोज कुमार ने बताया कि बिंदकी तहसील क्षेत्र में 36 खंभे उखड़े हैं और 33 केवी की ग्यारह लाइनें डैमेज हुईं। जिनमें से देर शाम तक छह लाइनों को ही बहाल किया जा सका।