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Fatehpur News: शारदीय नवरात्र पर काव्यगोष्ठी में गूंजे भक्ति और सामाजिक चेतना के स्वर
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फोटो-05-मुराइनटोला हनुमान मंदिर में कविता पाठ करते कवि। स्रोत आयोजक
फतेहपुर। शैलेंद्र साहित्य सरोवर की ओर से रविवार को मुराइनटोला स्थित हनुमान मंदिर में भक्ति और सामाजिक चेतना से ओत-प्रोत काव्य गोष्ठी हुई। गोष्ठी की शुरुआत कवि केपी सिंह कछवाह ने मां सरस्वती को समर्पित कविता से की। उन्होंने पढ़ा, सरस्वती मां, कर रहे, हम तेरी जयकार...।
कवि केपी लिंब कछवाह ने नवरात्र की भव्यता का चित्रण करते हुए पढ़ा, शारदीय नवरात्र में सजे भव्य दरबार, घर-मंदिर सर्वत्र हैं, मां की जय-जयकार। डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए पढ़ा, नारी अब अधिकार मांगती, नहीं चाहती कृपा मात्र ही...।
दिनेश श्रीवास्तव ने भक्ति भाव से पढ़ा, शारदीय नवरात्र की, महिमा कही न जाय..., तो कवि प्रदीप गौड़ ने पढ़ा, खुशखबरी है, माता रानी, हाथी पर चढ़ आ रहीं...।
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डॉ. शिव सागर साहू ने दहेज कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई और संशोधन की आवश्यकता बताई। शैलेंद्र द्विवेदी ने पितृ पक्ष और दुर्गा आराधना को जोड़ते हुए कहा, पितृ लोक पहुंचे पितर, पा श्रद्धा-सत्कार...।
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कवि केपी लिंब कछवाह ने नवरात्र की भव्यता का चित्रण करते हुए पढ़ा, शारदीय नवरात्र में सजे भव्य दरबार, घर-मंदिर सर्वत्र हैं, मां की जय-जयकार। डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए पढ़ा, नारी अब अधिकार मांगती, नहीं चाहती कृपा मात्र ही...।
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