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Fatehpur News: डॉक्टर तैनात न होने से इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
खखरेरू। डॉक्टर की तैनाती न होने से ग्रामीण मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। धाता ब्लॉक के मुबारकपुर गेरिया गांव में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले तीन माह से एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ फार्मासिस्ट और सहायक लैब टेक्नीशियन हैं। पीएचसी में आसपास के उमरा, तेंदुआ, सुखनापुर, सुदेसरा सहित 20 गांव के ग्रामीण इलाज कराने पहुंचते हैं। लेकिन डॉक्टर न होने मरीज पीएचसी की परिक्रमा कर खाली हाथ लौट जाते हैं। बाद में गांवों के झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंस कर अपनी जेब कटाते हैं। लंबे समय से डॉक्टर न होने से अब पीएचसी में ओपीडी कराने वाले मरीजों की संख्या भी कम हो गई।
कभी-कभी झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में फंस कर मरीज अपनी जान तक गवां देते हैं। ग्रामीणों की मानें तो दो साल से चल रही पीएचसी में डॉक्टरों के दर्शन ही नहीं हुए। साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मी और वार्ड ब्वाय भी वहां तैनात नहीं है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं के लिए बनाया गया टीकाकरण कक्ष शोपीस बनकर पड़ा हुआ है। वहीं नर्स के न होने से स्वास्थ्य केंद्र का लेबर रूम बदहाल अवस्था में है। एसीएमओ इश्तियाक अहमद ने बताया कि डॉक्टरों की जल्द ही वहां डॉक्टर की तैनाती की जाएगी।
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खखरेरू। डॉक्टर की तैनाती न होने से ग्रामीण मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। धाता ब्लॉक के मुबारकपुर गेरिया गांव में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले तीन माह से एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ फार्मासिस्ट और सहायक लैब टेक्नीशियन हैं। पीएचसी में आसपास के उमरा, तेंदुआ, सुखनापुर, सुदेसरा सहित 20 गांव के ग्रामीण इलाज कराने पहुंचते हैं। लेकिन डॉक्टर न होने मरीज पीएचसी की परिक्रमा कर खाली हाथ लौट जाते हैं। बाद में गांवों के झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंस कर अपनी जेब कटाते हैं। लंबे समय से डॉक्टर न होने से अब पीएचसी में ओपीडी कराने वाले मरीजों की संख्या भी कम हो गई।
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कभी-कभी झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में फंस कर मरीज अपनी जान तक गवां देते हैं। ग्रामीणों की मानें तो दो साल से चल रही पीएचसी में डॉक्टरों के दर्शन ही नहीं हुए। साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मी और वार्ड ब्वाय भी वहां तैनात नहीं है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं के लिए बनाया गया टीकाकरण कक्ष शोपीस बनकर पड़ा हुआ है। वहीं नर्स के न होने से स्वास्थ्य केंद्र का लेबर रूम बदहाल अवस्था में है। एसीएमओ इश्तियाक अहमद ने बताया कि डॉक्टरों की जल्द ही वहां डॉक्टर की तैनाती की जाएगी।
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