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सुबह ही खेतों की ओर चले जा रहे गांव के पुरुष

Tue, 17 Dec 2019 12:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 12:54 AM IST
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Villagers take hold of fields from morning
फतेहपुर। हुसैनगंज थानाक्षेत्र में आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के गांव में लोग किसी भी प्रकार के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते। यही वजह है कि भोर पहर से लोग ही खेतों की राह पकड़ लेते हैं। कोशिश कर रहे कि अंधेरा होने पर घर लौटें। गांव में इस मुद्दे पर कुछ भी पूछते ही लोग मुंह दूसरी ओर घुमा लेते हैं। कुछ तो यह कहकर चले जाते हैं कि सवाल-जवाब से वह लोग ऊब गए हैं। पीड़िता के दरवाजे के सामने से भी बेहद जरूरी होने पर ही लोग ही निकलते हैं।
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पीड़िता के गांव की आबादी करीब 1500 है। इनमें सिर्फ अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों के लोग रहते हैं। गांव पिछड़ी जातियों के अधिकांश मकान पक्के हैं। मुख्य सड़क से गांव के उत्तर की ओर से प्रवेश करते ही पहले आरोपी का मकान है। उसके सामने खड़ंजा के दूसरी तरफ इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। घटना के दिन से हैंडपंप का प्लेटफार्म सूखा पड़ा है। बगल में पीड़िता का घर है, जिसमें पीछे का हिस्सा पूरी तरह से खंडहर है। आगे की दीवार में छप्पर पड़ा है। तीन दिन से पीड़िता के दरवाजे पर एक उप निरीक्षक, दो सिपाही और चौकीदार मुस्तैद हैं। शायद पुलिस के सवाल-जवाब से बचने के लिए बहुत कम ही लोग उधर से गुजर रहे हैं। घटना के तीसरे दिन गांव में सुबह से ही लोग खेतों में काम करने चले जा रहे हैं और ज्यादा समय खेत में बिताने की कोशिश कर रहे हैं। दिन में दरवाजों पर वृद्ध महिलाएं और पुरुषों के साथ छोटे बच्चे ही दिख रहे हैं। दो दिन से लोगों के सवाल जवाबों से आजिज ग्रामीण कुछ पूछते ही मुंह दूसरी तरफ घुमा लेते हैं।
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कांग्रेसियों ने पीड़िता के लिए मांगा न्याय
फतेहपुर। युवा कांग्रेस ने सोमवार की शाम पटेलनगर चौराहे पर धरना देकर नारेबाजी की। निर्वतमान युवा जिलाध्यक्ष राजन तिवारी की अध्यक्षता में कांग्रेसियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को दिल्ली में इलाज की व्यवस्था करने के साथ परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद और सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस प्रशासन ने समुचित सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है। मांग पूरी न होने पर पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। धरने में मोहसिन खान, एनस, बब्लू कालिया, मनीस पटेल, फैजी, उदित नारायण अवस्थी, विनय तिवारी, बादशाह, दद्दू, वीरेंद्र गुप्ता, अरुण जायसवाल आदि मौजूद थे।
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