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किसानाें को मंडी में नगद नहीं मिल रहे सब्जी के दाम

Sun, 27 Nov 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला, फतेहपुर
अमर उजाला, फतेहपुर Updated Sun, 27 Nov 2016 12:40 AM IST
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Vegetable prices in the marketplace are not cash Kisanaen
सब्जी मंडी में प्याज की बिक्री करते आढ़ती - फोटो : amar ujala
मंडी में सब्जी बेचने वाले किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। नोट की कमी से बहुत से व्यापारी सब्जी खरीदने का काम बंद कर दिए हैं। जो मंडी से सब्जी खरीद भी रहे हैं वह किसानों को नगद रुपये नहीं दे रहे हैं। इससे सभी सब्जियों के भाव कम हो गए हैं। किसानों को मजदूरों के भुगतान, वाहन भाड़ा देने की समस्या पैदा हो गई है।
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किसानों का कहना है कि दो साल से फसलोें में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बार धान के साथ सब्जी की फसल भी अच्छी रही। कुछ फायदा होने के आसार दिखाई दे रहे थे। लेकिन नोट बंदी की वजह से इस बार भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हुसैनगंज क्षेत्र के चितीसापुर गांव के किसान ओमप्रकाश ने बताया कि प्याज लेकर मंडी आए थे। नगद दाम में कोई भी व्यापारी खरीदने को तैयार नहीं है। दो दिन में 200 रुपये प्रति क्विंटल दाम कम हो गए हैं।
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थरियांव क्षेत्र के मुसईपुर गांव के किसान नरेश का कहना है कि 20 रुपये बोरी का भाड़ा देकर गांव से प्याज मंडी लेकर आए हैं। खेत से प्याज खुदाई करने व बोरी में भरने वाले मजदूरों को रुपये देने हैं। अभी तक प्याज नहीं बिकी है। आढ़ती भी नगद रुपये नहीं दे रहे हैं। आढ़ती युसुफ तबरेज का कहना है कि सब्जी के भाव मेें नोट बंदी बहुत असर हुआ है। मंडी से सब्जी खरीदने वाले व्यापारी भी उधार खरीदारी कर रहे हैं। इससे किसानों को सब्जी का दाम नहीं मिल पा रहा है।
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