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दो हजार शिक्षामित्रों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:34 AM IST
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मंगलवार को शिक्षामित्रों व पुलिस में हुए टकराव के बाद बुधवार को दस शिक्षामित्रों पर नामजद व दो हजार शिक्षामित्रों के खिलाफ 7 क्रिमिनल एक्ट समेत बलवे की तमाम धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। कार्रवाई को लेकर शिक्षा मित्र संगठनों में आक्रोश जताया है। लाठीचार्ज के लिए पुलिस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
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गौरतलब रहे कि नहर कालोनी में मंगलवार को शिक्षामित्रों पर प्रदर्शन के बाद रेलवे ट्रैक जाम करने पर पुलिस और शिक्षामित्रों के बीच पथराव, लाठीचार्ज हुआ था। पुलिस की ओर से एसडीएम विवेक श्रीवास्तव और सीओ सिटी वंदना सिंह समेत 17 पुलिस कर्मियों का मेडिकल कराया गया था। कोतवाली प्रभारी आरके पांडेय की ओर से शिक्षामित्र विजय सिंह गौर , शिवकुमार यादव महामंत्री, विक्रम सिंह भदौरिया अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, रवींद्र पटेल महामंत्री, ज्ञानेंद्र कुमार मिश्र निवासी तुलसीपुर अरई थाना धाता, इंद्रप्रकाश निवासी सहिली थाना मलवां, विमल कुमार कुशवाहा निवासी गोहरारी चांदपुर, मोहम्मद हसन निवासी आजमपुर गढ़वा चांदपुर, तारिख हुसैन निवासी बाकरगंज कोतवाली, लक्ष्मी शंकर शुक्ला निवासी कुसुंभी असोथर और करीब दो हजार अज्ञात शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि शिक्षामित्रों ने एक राय होकर पुलिस प्रशासन से गालीगलौज और पथराव किया। इससे कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई। उधर शिक्षामित्र संगठनों के अध्यक्षों ने कार्रवाई को लेकर बताया कि पुलिस प्रशासन ने उन पर बर्बरता से लाठी चार्ज किया है। इसमें सैकड़ों की तादाद में उनके साथी घायल हो गए।
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धरना स्थल पर फांसी के फंदे से झूला शिक्षामित्र
हाईकोर्ट के फैसले से हताश एक शिक्षामित्र धरना स्थल से कुछ फासले पर पीपल के पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर झूल गया। कुछ अन्य शिक्षामित्रों ने देख लिया। आनन-फानन उसे खजुहा पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी हालत खतरे से बाहर है। सेलावन गांव निवासी रामकुमार तिवारी का पुत्र अनुभव तिवारी गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुआ था। शिक्षामित्र का छोटा भाई अनुराग तिवारी बेरोजगार है। परिवार में माता, पिता, छोटा भाई और उसकी पत्नी नीलू तथा पुत्र रामू (8) व श्यामू (50) वर्ष हैं। परिवार के आय के साधन के नाम पर सिर्फ 10 बीघे जमीन है। इससे किसी तरह से परिवार का जीविकोपार्जन हो पाता है। बेटे के सहायक अध्यापक बनने के बाद पूरा परिवार खुश था, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले से नौकरी जाने से पूरे परिवार की खुशियां काफूर हो गई हैं। शिक्षामित्र उसी दिन से काफी उदास था। बुधवार की सुबह वह घर से खजुहा बीआरसी में आयोजित धरने में शामिल होने आया था। यहां पर शिक्षामित्र कुछ देर धरने पर रहा। इसके बाद नजर बचाकर कुछ फासले पर खड़े पीपल के पेड़ में चढ़कर अंगौछे से फांसी का फंदा बनाकर झूल गया। इसी बीच कुछ शिक्षामित्रों ने उसे फांसी लगाते देख लिया, तो आनन फानन पेड़ में चढ़ गए और उसे फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तबतक शिक्षामित्र बेहोश हो चुका था। शिक्षामित्र को खजुहा पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी हालत में सुधार हो रहा है। जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने सभी शिक्षामित्रों से संयम बरतने की अपील की है। कहा कि शासन और प्रशासन इनके साथ है। ऐसी हालत में उन्हें न्याय मिलेगा और वह फिर से सहायक अध्यापक बनेंगे।
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न्यायालय के आदेश का सम्मान करें- शिक्षा राज्यमंत्री
सूबे के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों को 15 वर्षों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए विधिक राय लेकर सहायक शिक्षक पद पर समायोजित किया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्र मायूस न हों। सरकार उनके साथ है। न्यायालय के आदेश का सम्मान सभी को करना चाहिए। चांदपुर में एक दंगल के उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं।
दूसरे दिन भी दहशत, देर से खुली दुकानें
घटनास्थल के पास के दुकानदारों में दहशत का माहौल रहा। देर से दुकानें खोली गई और अधिक सामान बाहर नहीं निकाला गया। उधर, प्रशासन में भी शिक्षामित्रों की दहशत रही। पूरा दिन कलेक्ट्रट पुलिस छावनी में तब्दील रहा। नहर कालोनी धरना स्थल से ट्रैक जाम करने के लिए निकलते समय पुलिस ने अंदर रोकने की दो बार कोशिश की थी। इस पर हाथापाई की नौबत आती देख शिक्षामित्र पुलिस की मंशा समझ गए थे। इसी लिए रास्ते में पेड़ और टहनियां तोड़ कर हथियार बना लिया था।
घायल शिक्षामित्रों का लिया हाल
जनवादी समता पार्टी के अध्यक्ष भूदेव संजय विद्यार्थी ने बुधवार को घायल शिक्षामित्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल लिया। उन्होंने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रदेश सरकार धोखाधड़ी करना बंद कर दे। प्रदेश सरकार एक लाख 75 हजार शिक्षामित्रों की बदहाली के लिए कसूरवार है। मंगलवार को हुए लाठी चार्ज में पुलिस व प्रशासन को दोषी ठहराया।
बीआरसी में जारी रहा विरोध प्रदर्शन
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी है। बुधवार को सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों में शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रांतीय आह्वान पर धाता, विजईपुर, ऐरायां, हथगाम, असोथर, हंसवा, भिटौरा, मलवां, खजुहा, बहुआ, देवमई, तेलियानी, अमौली बीआरसी में शिक्षामित्रों ने धरना देकर हाईकोर्ट के फैसले का विरोध प्रदर्शन किया। उधर, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह भदौरिया, महामंत्री रवींद्र पटेल तथा आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय सिंह गौर, महामंत्री शिवकुमार यादव ने पुलिस छावनी में तब्दील कलेक्ट्रेट में डीएम से मिलकर ज्ञापन दिया।
माशिसं का शिक्षामित्रों को समर्थन
माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षामित्रों के साथ हुई बर्बरता की निंदा की है। संघ के प्रतिनिधि मंडल ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती शिक्षामित्रों का हालचाल जाना। संघ के जिलाध्यक्ष करुणा शंकर मिश्रा ने कहा पुलिस ने महिला शिक्षामित्रों के साथ बदसलूकी करके बर्बरता की हदें पार कर दी है। ऐसे समय में संघ शिक्षामित्रों के साथ है। प्रतिनिधि मंडल में वीरेश तोमर, शैलेंद्र सिंह, शिवरत त्रिपाठी, घनश्याम सिंह, शिवसिंह आदि शामिल रहे।