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Fatehpur News: जिला अस्पताल में ढाई घंटे की बिजली कटौती, मरीज बेहाल

Fri, 12 Jul 2024 02:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Fri, 12 Jul 2024 02:52 AM IST
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Two and a half hour power cut in district hospital, patients in distress
फतेहपुर। जिला अस्पताल में बिजली संकट बढ़ता ही जा रहा है। उमस भरी भीषण गर्मी में गुरुवार को ढाई घंटे की कटौती से भर्ती मरीजों का हाल बेहाल हो गया। पसीने से तर बदतर भर्ती मरीजों को गर्मी से राहत दिलाने में तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सुबह 11.05 बजे जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इस दौरान अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ थी। बिंदकी सीएचसी से लाया गया 150 केवीए का जनरेटर चलाया गया, लेकिन तीन मिनट में ओवर लोड बताकर बंद हो गया। ऐसे में आपरेटर ने वार्ड की आपूर्ति काटकर दोबारा जनरेटर स्टार्ट किया।
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बिजली आपूर्ति दोपहर 1.32 बजे बहाल हुई। इस दौरान वार्डों में भर्ती मरीज बेहाल रहे। तीमारदार मरीजों को राहत दिलाने के लिए हाथ पंखा चलाने में लगे रहे। अस्पताल के तीनों वार्डों में 92 मरीज भर्ती हैं। गर्मी से बेहाल मरीज कराह उठे।
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जिला अस्पताल का पुराना जनरेटर की डेढ़ महीने बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। हालांकि नौ जुलाई को सीएमओ ने जनरेटर सही होने का गलत बयान जारी किया था, जबकि जनरेटर का सामान खोलकर मरम्मत के लिए भेजा गया है।
बच्चे को वार्ड से बाहर लाया तीमारदार
उमस भरी गर्मी से बीमार बच्चे को वार्ड से तीमारदार बाहर निकाल लाया। आयुष विंग के पास खड़े ई रिक्शे में लिटाकर अंगौछे से हवा करता रहा। हालांकि तीमारदार ने नाम नहीं बताया। वह बच्चे को गर्मी से बचाने में तीमारदार पसीने से तरबतर रहा।

लोगों की बात
- सिविल लाइन निवासी संतोष वर्मा का कहना है कि भर्ती मरीजों के हिस्से की जनरेटर से मिलने वाली बिजली से अस्पताल के कार्यालय स्टाफ एसी चलाता है। यही कारण है कि वार्ड को आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। एसी बंद कर वार्डों का बिजली आपूर्ति दी जा सकती है। पीलूतले निवासी उमेश तिवारी का कहना है कि बिजली कटौती के समय अस्पताल में भर्ती मरीज बेहाल हो जाते हैं। पसीने से मरीजों को तरबतर होने से बचाने के लिए तीमारदारों को लगातार कई घंटे तक हाथ पंखा चलाना पड़ता है। अस्पताल का स्टाफ एसी में बैठकर काम करता है।

वर्जन
अस्पताल में बिजली कटौती में जनरेटर चलाया गया है। वार्ड में जनरेटर की आपूर्ति न मिलने की उन्हें जानकारी नहीं है। जनरेटर से आपूर्ति वार्ड को क्योंं नहीं दी गई, इस मामले की जांच कराएंगे। -डॉ. पीके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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