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प्रियंका गांधी को गंगा पार करने में लग गए बीस साल
Sun, 07 Apr 2019 12:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सीपी सिंह
सीपी सिंह
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Apr 2019 12:35 AM IST
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priyanki at road show
- फोटो : priyanki at road show
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रायबरेली सीमा को जिले से जोड़ने वाले गंगा नदी पर बने गेगासो पुल को पार करने में प्रियंका गांधी वाड्रा को एक-दो नहीं पूरे दो दशक यानी बीस साल लग गए। पहले चुनावों में भी यदि यहां रुचि दिखाई गई होती तो कई चुनावों से फिसड्डी साबित हो रही कांग्रेस की हालत जिले में इतनी पतली नहीं होती।
बता दें कि कांग्रेस में स्टार प्रचारक के तौर पर यदि किसी का नाम तेजी से उभरता है तो वह प्रियंका गांधी का नाम है। ऐसा नहीं कि जिले में पहले चुनाव लड़ने वालों ने प्रचार के लिए इनकी मांग नहीं की थी। कांग्रेसी सूत्रों की मानें तो 1998 में खान गुफरान जाहिदी, 2014 ऊषा मौर्या के समय तो नेताओं ने चुनाव कार्यक्रम लेने के लिए डेरा डाल दिया था। प्रियंका ने मां सोनिया गांधी के लिए फतेहपुर सीमा के करीब के गांवों तक जनसंपर्क किया था लेकिन कभी पुल पार कर फतेहपुर सीमा में नहीं आईं। राहुल गांधी जरूर यहां विभाकर शास्त्री का प्रचार करने आ चुके हैं। विभाकर शास्त्री ने 1998 में अपने चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका को भेजने की मांग करते हुए कई दिन दस जनपथ पर डेरा डाल दिया था। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने पुराने गढ़ों को मिलाकर एक बेल्ट विकसित करने के मूड में है। बता दें कि अमर उजाला ने पहले ही प्रियंका कार्ड के सहारे स्थानीय कांग्रेस को संजीवनी देने की खबर प्रकाशित की थी। अब प्रियंका गांधी के रोड शो व नुक्कड़ सभा ने न केवल प्रियंका की जिले में उपलब्धता कराई बल्कि इस लोकसभा चुनाव में पहला रोड शो व नुक्कड़ सभा का खिताब झटक लिया।
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बता दें कि कांग्रेस में स्टार प्रचारक के तौर पर यदि किसी का नाम तेजी से उभरता है तो वह प्रियंका गांधी का नाम है। ऐसा नहीं कि जिले में पहले चुनाव लड़ने वालों ने प्रचार के लिए इनकी मांग नहीं की थी। कांग्रेसी सूत्रों की मानें तो 1998 में खान गुफरान जाहिदी, 2014 ऊषा मौर्या के समय तो नेताओं ने चुनाव कार्यक्रम लेने के लिए डेरा डाल दिया था। प्रियंका ने मां सोनिया गांधी के लिए फतेहपुर सीमा के करीब के गांवों तक जनसंपर्क किया था लेकिन कभी पुल पार कर फतेहपुर सीमा में नहीं आईं। राहुल गांधी जरूर यहां विभाकर शास्त्री का प्रचार करने आ चुके हैं। विभाकर शास्त्री ने 1998 में अपने चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका को भेजने की मांग करते हुए कई दिन दस जनपथ पर डेरा डाल दिया था। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने पुराने गढ़ों को मिलाकर एक बेल्ट विकसित करने के मूड में है। बता दें कि अमर उजाला ने पहले ही प्रियंका कार्ड के सहारे स्थानीय कांग्रेस को संजीवनी देने की खबर प्रकाशित की थी। अब प्रियंका गांधी के रोड शो व नुक्कड़ सभा ने न केवल प्रियंका की जिले में उपलब्धता कराई बल्कि इस लोकसभा चुनाव में पहला रोड शो व नुक्कड़ सभा का खिताब झटक लिया।
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