{"_id":"694063ae8cd2abdfbb09ff9f","slug":"tribute-paid-to-the-bravery-of-the-martyrs-fatehpur-news-c-217-1-srv1001-145619-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: बलिदानियों के शौर्य को याद कर अर्पित की श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: बलिदानियों के शौर्य को याद कर अर्पित की श्रद्धांजलि
विज्ञापन
फोटो-03-दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते पूर्व सैनिक। संवाद
जहानाबाद। पूर्व सैनिक उत्थान व लोक कल्याण समिति ने सोमवार को साढ़ रोड स्थित सैनिक कार्यालय में विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्षता पूर्व सैनिक कमल दीक्षित ने की और बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
समिति अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी ने बताया कि पूर्वी पाकिस्तान में शेख मुजीबुर रहमान के विरोध के बावजूद कत्लेआम किया गया और क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने मानवता का साथ देते हुए बांग्लादेशी शरणार्थियों को भारत में पनाह दी। इसके विरोध में पाकिस्तान ने 2 दिसंबर 1971 को भारत पर ऑपरेशन चंगेज खान के तहत हमला किया।
16 दिसंबर 1971 को ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया और पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र होकर बांग्लादेश बन गया। युद्ध बंगाल, पंजाब, कश्मीर, राजस्थान, हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लड़ा गया।
विज्ञापन
महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने कहा कि भारत युद्ध जीतने के बावजूद राजनीतिक विवादों में कई बार चुनौतियों का सामना करता है। कार्यक्रम में सूबेदार मेजर राजेश शुक्ला, रामकेश यादव, गंगाराम सविता, रज्जन सिंह, राम कुमार, शिवप्रसाद सविता समेत कई पूर्व सैनिक और नागरिक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
समिति अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी ने बताया कि पूर्वी पाकिस्तान में शेख मुजीबुर रहमान के विरोध के बावजूद कत्लेआम किया गया और क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने मानवता का साथ देते हुए बांग्लादेशी शरणार्थियों को भारत में पनाह दी। इसके विरोध में पाकिस्तान ने 2 दिसंबर 1971 को भारत पर ऑपरेशन चंगेज खान के तहत हमला किया।
विज्ञापन
16 दिसंबर 1971 को ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया और पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र होकर बांग्लादेश बन गया। युद्ध बंगाल, पंजाब, कश्मीर, राजस्थान, हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लड़ा गया।
विज्ञापन
महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने कहा कि भारत युद्ध जीतने के बावजूद राजनीतिक विवादों में कई बार चुनौतियों का सामना करता है। कार्यक्रम में सूबेदार मेजर राजेश शुक्ला, रामकेश यादव, गंगाराम सविता, रज्जन सिंह, राम कुमार, शिवप्रसाद सविता समेत कई पूर्व सैनिक और नागरिक उपस्थित रहे।

फोटो-03-दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते पूर्व सैनिक। संवाद