{"_id":"6924bff5467bbd61380eb750","slug":"three-arrested-for-committing-cyber-crime-on-the-lines-of-jamtara-fatehpur-news-c-217-1-brp1009-144491-2025-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: जामताड़ा की तर्ज पर साइबर अपराध करने वाले तीन गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: जामताड़ा की तर्ज पर साइबर अपराध करने वाले तीन गिरफ्तार
विज्ञापन
फोटो-25-पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही व राहुल सिं
फतेहपुर। जामताड़ा की तर्ज पर साइबर ठगी, ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गाजीपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के 16 गुर्गे अलग-अलग जिलों में ठगी का शिकार बना रहे थे। भागे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें भी बनाई गई हैं।
साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें शामिल कुछ युवक और महिलाएं लंबे समय से साइबर अपराध की वारदात अंजाम दे रहे थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आई और रविवार को भगवानपुर गांव में छापा मारा।
यहां से पुलिस ने नहर पटरी के किनारे तीन युवकों को गिरफ्तार किया। इसमें भगवानपुर गांव निवासी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही और मीरपुर निवासी राहुल सिंह शामिल हैं। तीनों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल और एक कीपैड फोन बरामद हुआ है।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपियों ने अपराधों और अन्य गिरोह सदस्यों के नाम कबूले हैं। पुलिस को पता चला कि भगवानपुर निवासी रिंकू सिंह, देवनारायण सिंह, अनुज सिंह, मनोज सिंह, कुलदीप सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह, अखिलेश उर्फ भूरा सिंह, सोनू, सुग्गा, शानू के साथ ही कानपुर देहात के रनियां जितेंद्र सिंह और शिवम सिंह समेत कई लोग साइबर अपराध से जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि रनियां निवासी शिवम फर्जी सिम कार्ड गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। गिरोह यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों के लोगों को भी ठगी का शिकार बना चुका है।
गिरोह में महिलाएं भी शामिल थीं। आरोपी ब्लैकमेल करने के लिए खुद को अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर डराते और अश्लील वीडियो दिखाकर ठगी करते थे।
कानपुर में 12 अगस्त 2024 पकड़ा गया था गिरोह
कानपुर जिले के कल्याणपुर थाने की पुलिस ने 12 अगस्त 2024 को इस गैंग का खुलासा किया था। भगवानपुर निवासी इंद्रजीत उर्फ भूरा सिंह चौहान और भाई दीपक गैंग के मास्टरमाइंड थे। दीपक की पत्नी संध्या, मीरपुर निवासी बहनोई राहुल सिंह, रिश्तेदार रिंकू और चंदन और इंद्रजीत के ससुर दशरथ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 27 सितंबर को बिहार पुलिस ने सोनू और सुग्गा को गिरफ्तार किया था। दोनों ने रोहतास जिले में एक युवक को अश्लील वीडियो के आरोप में पुलिस अधिकारी बन कर ठगी की थी।
ऐसे करते थे ठगी
सेक्सटॉर्शन के लिए वह उन लोगों को शिकार बनाते थे जो अपने मोबाइल पर अश्लील फिल्म देखते थे। यह लोग उन लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर फोन कर धमकाते थे। कभी आयकर तो कभी सीबीआई अफसर बन फोन करते थे। कार्रवाई की बात कहकर ठगी करते थे। लोगों के खाते में विदेश से रुपये मंगाकर दूसरों के खाते में भेज देते थे। इसके बाद कहते थे कि उनके खाते में रकम गलती से चली गई है। रुपये निकालने के बाद खाता फ्रीज हो जाता था।
ऐसे खोजते थे नंबर
गूगल से जिस जिले के लोगों को शिकार बनाना होता था वहां के भी सिम को पहले के चार डिजिट नंबर को मिला कर आगे के छह नंबर अपने आप कोई भी मिला देते थे। इससे किसी न किसी के मोबाइल पर कॉल चली जाती थी।
अपराधियों का वीडियो जारी
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने आरोपियों के बयानों पर आधारित वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। इसमें दिखाया गया कि अपराध करने के बाद जब आरोपी पुलिस के शिकंजे में फंसता है तो सिर्फ माफी मांगता है। वीडियो का उद्देश्य लोगों को ठगी से बचाना है।
विज्ञापन
साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें शामिल कुछ युवक और महिलाएं लंबे समय से साइबर अपराध की वारदात अंजाम दे रहे थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आई और रविवार को भगवानपुर गांव में छापा मारा।
विज्ञापन
यहां से पुलिस ने नहर पटरी के किनारे तीन युवकों को गिरफ्तार किया। इसमें भगवानपुर गांव निवासी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही और मीरपुर निवासी राहुल सिंह शामिल हैं। तीनों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल और एक कीपैड फोन बरामद हुआ है।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपियों ने अपराधों और अन्य गिरोह सदस्यों के नाम कबूले हैं। पुलिस को पता चला कि भगवानपुर निवासी रिंकू सिंह, देवनारायण सिंह, अनुज सिंह, मनोज सिंह, कुलदीप सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह, अखिलेश उर्फ भूरा सिंह, सोनू, सुग्गा, शानू के साथ ही कानपुर देहात के रनियां जितेंद्र सिंह और शिवम सिंह समेत कई लोग साइबर अपराध से जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि रनियां निवासी शिवम फर्जी सिम कार्ड गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। गिरोह यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों के लोगों को भी ठगी का शिकार बना चुका है।
गिरोह में महिलाएं भी शामिल थीं। आरोपी ब्लैकमेल करने के लिए खुद को अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर डराते और अश्लील वीडियो दिखाकर ठगी करते थे।
कानपुर में 12 अगस्त 2024 पकड़ा गया था गिरोह
कानपुर जिले के कल्याणपुर थाने की पुलिस ने 12 अगस्त 2024 को इस गैंग का खुलासा किया था। भगवानपुर निवासी इंद्रजीत उर्फ भूरा सिंह चौहान और भाई दीपक गैंग के मास्टरमाइंड थे। दीपक की पत्नी संध्या, मीरपुर निवासी बहनोई राहुल सिंह, रिश्तेदार रिंकू और चंदन और इंद्रजीत के ससुर दशरथ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 27 सितंबर को बिहार पुलिस ने सोनू और सुग्गा को गिरफ्तार किया था। दोनों ने रोहतास जिले में एक युवक को अश्लील वीडियो के आरोप में पुलिस अधिकारी बन कर ठगी की थी।
ऐसे करते थे ठगी
सेक्सटॉर्शन के लिए वह उन लोगों को शिकार बनाते थे जो अपने मोबाइल पर अश्लील फिल्म देखते थे। यह लोग उन लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर फोन कर धमकाते थे। कभी आयकर तो कभी सीबीआई अफसर बन फोन करते थे। कार्रवाई की बात कहकर ठगी करते थे। लोगों के खाते में विदेश से रुपये मंगाकर दूसरों के खाते में भेज देते थे। इसके बाद कहते थे कि उनके खाते में रकम गलती से चली गई है। रुपये निकालने के बाद खाता फ्रीज हो जाता था।
ऐसे खोजते थे नंबर
गूगल से जिस जिले के लोगों को शिकार बनाना होता था वहां के भी सिम को पहले के चार डिजिट नंबर को मिला कर आगे के छह नंबर अपने आप कोई भी मिला देते थे। इससे किसी न किसी के मोबाइल पर कॉल चली जाती थी।
अपराधियों का वीडियो जारी
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने आरोपियों के बयानों पर आधारित वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। इसमें दिखाया गया कि अपराध करने के बाद जब आरोपी पुलिस के शिकंजे में फंसता है तो सिर्फ माफी मांगता है। वीडियो का उद्देश्य लोगों को ठगी से बचाना है।

फोटो-25-पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही व राहुल सिं

फोटो-25-पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही व राहुल सिं

फोटो-25-पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी जितेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही व राहुल सिं