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बारिश में भीग गया हजारों क्विंटल धान ...
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मंडी समिति क्रयकेंद्र में खुले में पड़ा भीगा धान
- फोटो : FATEHPUR
केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से खरीद केंद्रों में हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। धान को बारिश से बचाने के लिए क्रय केंद्रों में पर्याप्त संख्या में तिरपाल तक नहीं थे। कुछ किसान अपने-अपने घरों से तिरपाल लेकर गए, लेकिन तिरपाल की अपेक्षा धान का ढेर बड़ा होने की वजह से वह धान बचा नहीं पाए।
सुस्त धान की खरीद से क्रय केंद्रों में किसानों का धान डंप हो गया है। एक-एक क्रय केंद्र पर 400 से 500 क्विंटल धान डंप है। धान की तौल कराने के लिए किसान सुबह क्रय केंद्र में जाते हैं और अपना नंबर आने का इंतजार करते हैं। एक-एक किसानों का धान क्रय केंद्रों पर पांच-छह दिन से डंप है।
बुधवार सुबह पांच बजे से रिमझिम बारिश की शुरुआत हुई और 10 बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। कई किसान इस बीच में भीगते हुए क्रय केंद्र पहुंचे और तिरपाल ढक कर अपने धान को भीगने से बचाने का प्रयास करते रहे। केंद्रों पर भी खरीद केंद्र में लगे धान के ढेर को ढकने की व्यवस्था नहीं रही।
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इतनी बारिश से धान में नुकसान नहीं होगा। ऊपरी सतह का ही धान भीगा हुआ है। धूप निकलने पर वह सूख जाएगा। इनमें ज्यादातर धान के ढेर ऐसे हैं, जिनको किसानों ने बिना केंद्र प्रभारी को सूचना दिए ही ले आए हैं। इसी वजह से क्रय केंद्रों में धान डंप हो गया है। रमेश श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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सुस्त धान की खरीद से क्रय केंद्रों में किसानों का धान डंप हो गया है। एक-एक क्रय केंद्र पर 400 से 500 क्विंटल धान डंप है। धान की तौल कराने के लिए किसान सुबह क्रय केंद्र में जाते हैं और अपना नंबर आने का इंतजार करते हैं। एक-एक किसानों का धान क्रय केंद्रों पर पांच-छह दिन से डंप है।
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बुधवार सुबह पांच बजे से रिमझिम बारिश की शुरुआत हुई और 10 बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। कई किसान इस बीच में भीगते हुए क्रय केंद्र पहुंचे और तिरपाल ढक कर अपने धान को भीगने से बचाने का प्रयास करते रहे। केंद्रों पर भी खरीद केंद्र में लगे धान के ढेर को ढकने की व्यवस्था नहीं रही।
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इतनी बारिश से धान में नुकसान नहीं होगा। ऊपरी सतह का ही धान भीगा हुआ है। धूप निकलने पर वह सूख जाएगा। इनमें ज्यादातर धान के ढेर ऐसे हैं, जिनको किसानों ने बिना केंद्र प्रभारी को सूचना दिए ही ले आए हैं। इसी वजह से क्रय केंद्रों में धान डंप हो गया है। रमेश श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी