{"_id":"56f6d9754f1c1ba62ff14f3a","slug":"the-showpiece-of-the-water-tank","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की टंकी बनी शोपीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की टंकी बनी शोपीस
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
निर्माण के बाद से शोपीस बनी थरिंयांव की पानी टंकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थरियांव कस्बा में पानी टंकी निर्माण के चार साल बाद भी कस्बा में जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। पहले की तरह लोगों को हैंडपंप से पानी भर कर दिनचर्या की शुरुआत करनी पड़ती है। गर्मी के आते ही कस्बा में पेयजल की समस्या बढ़ जाती है। पानी का पाउच खरीद कर राहगीरों को प्यास बुझानी पड़ती है। कस्बावासियों व व्यापारियों की मांग के बाद भी प्रशासन टंकी से जलापूर्ति बहाल नहीं करा रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2010-11 में थरियांव जल निगम से दो नलकूप व दो ओवर हेड टैंक स्वीकृत हुए थे, जिसमें पानी की टंकी प्रथम का निर्माण कार्यदायी संस्था ने पूरा करा दिया है। थरियांव के अलावा कई मजराें में जलापूर्ति भी शुरू है। दूसरी पानी की टंकी का निर्माण कस्तूरबा गांधी विद्यालय के बगल में हुआ है।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था ने दो साल पहले जैसे तैसे नलकूप व ओवर हेडटैंक का निर्माण करा दिया है, लेकिन अभी समुचित ढंग से पाइप लाइन नहीं डाली गई है। इस नलकूप से रामपुर थरियांव के मजरा सीतापुर, करनपुर, हनुमानपुर व कस्बे में पाइप लाइन डालकर जलापूर्ति होनी है।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारी व कार्यदायी संस्था की लापरवाही से अभी तक कस्बा तक ही पाइप लाइन पड़ सके हैं। उसमें भी जलापूर्ति नहीं हो रही है। कस्बा के सगीर अहमद, लवकुश मोदनवाल, मलखान सिंह ने बताया कि पानी टंकी निर्माण के बाद ठूंठ बनी हुई है। लोगों को पहले की तरह हैंडपंपों से पानी भर कर घर लाना पड़ता है।
नलकूप से कस्बा तिराहे तक डाली गई पाइप लाइन भी जर्जर है। विभागीय अधिकारी व ठेकेदार ने एक-दो बार टेस्टिंग की है, जिसमें करीब पांच सौ मीटर में ही लीकेज से पूरा पानी बाहर निकल गया। अधिशासी अभियंता पीके यादव ने बताया कि थरियांव कस्बा की पानी टंकी व पाइप लाइन का निरीक्षण कराया जाएगा। नलकूप से जलापूूर्ति जल्द बहाल कर कस्बावासियों को पेयजल के संकट से निजात दिलाया जाएगा।