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नोट के लिए अब होने लगी मारपीट
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:38 AM IST
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बैंक आफ बड़ौदा जीटी रोड में लगी लंबी लाइन।
- फोटो : Amar ujala
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नोट के चक्कर में अब लाइन लगाने वालों में झगड़े शुरू हो गए हैं। मंगलवार को असोथर थाना क्षेत्र के कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की लाइन में लगे दो पक्षों के बीच जल्दबाजी के चक्कर में तू-तू-मै-मै के बाद मारपीट हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह हालात पर काबू पाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
बैंक की लाइन में सुबह कस्बे के ही एक पक्ष के मनीष, अशीष कुमार, संतोष, लवकुश लगे थे। उसी लाइन में दूसरे पक्ष के अंजीत कुमार, श्रीकृ ष्ण और अवधेश भी लगे रहे। दोनों पक्षों के बीच बैंक में पहले घुसने को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस के बीचबचाव के बाद भी दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे। बैक के बाहर मारपीट से अफरा तफरी मच गई। सुरक्षा के लिए पुलिस ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों ने थाने में खबर दी। थाने से फोर्स मौके पर पहुंचा और आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि सातों आरोपियों का शांति भंग में चालान कर कार्रवाई की गई है। बैंक के बाहर अब सुरक्षा व्यवस्था पर और नजर रखी जाएगी।
नोटबंदी की समस्या अब लोगों की जान ले रही है। मंगलवार को कैश न मिलने से दो अलग-अलग स्थानों पर इलाज के अभाव में दो लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने बैंक आफ बड़ौदा शाखा से कैश न मिलने का आरोप लगाया है।
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गाजीपुर क्षेत्र के सुकेती गांव निवासी पुत्तन रैदास का बेटा विनोद (22) पांच दिसंबर से बीमार था। विनोद के लीवर और आंतों में सूजन थी। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाजीपुर ले गए थे, जहां से डाक्टरों ने उसे सात दिसंबर को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजन जब विनोद को जिला अस्पताल लेकर आए तो डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। इस दौरान परिजनों ने रुपये का इंतजाम न होने के कारण कानपुर न ले जाकर विनोद का जीटी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज शुरू किया। विनोद को घर में ही रखा गया। विनोद के भाई राजू व भाभी ममता ने बताया कि बैंक आफ बड़ौदा सुकेती में वह अपने खाते से रुपया निकालने गई थी ताकि विनोद का इलाज हो सके। लेकिन कैश नहीं मिला। हफ्तेभर से बैंक में कैश लेने जाते थे लेकिन कैश नहीं दिया गया। खाते में छह हजार रुपये थे, जो निकालने गए थे पर नहीं मिले। वहीं बैंक आफ बड़ौदा लीड बैंक मैनेजर एसएस तोमर ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। बीओबी सुकेती के शाखा प्रबंधक से पूछताछ की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। कहा कि सभी ब्रांच मैनेजरों को निर्देश हैं कि जरूरतमंदों को पहले कैश दें।
इधर, ललौली थाना क्षेत्र के लदिगवां निवासी मुश्ताक अली (55) की कई दिनों से तबियत खराब थी। वह जिला अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पत्नी शाहजहां ने बताया कि डाक्टरों ने कानपुर ले जाने को कहा था। उसका खाता इलाहाबाद बैंक बहुआ में है। रिश्तेदार इदरीश ने बताया कि शाहजहां कई दिन से बैंक में लाइन लगाती थी। लेकिन उन्हें रुपये नहीं मिल पा रहे थे। इसके चलते ही मुश्ताक का बेहतर उपचार नहीं हो सका, जिस कारण सोमवार की शाम मुश्ताक अली की सांसे थम गई।
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बैंक की लाइन में सुबह कस्बे के ही एक पक्ष के मनीष, अशीष कुमार, संतोष, लवकुश लगे थे। उसी लाइन में दूसरे पक्ष के अंजीत कुमार, श्रीकृ ष्ण और अवधेश भी लगे रहे। दोनों पक्षों के बीच बैंक में पहले घुसने को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस के बीचबचाव के बाद भी दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे। बैक के बाहर मारपीट से अफरा तफरी मच गई। सुरक्षा के लिए पुलिस ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों ने थाने में खबर दी। थाने से फोर्स मौके पर पहुंचा और आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि सातों आरोपियों का शांति भंग में चालान कर कार्रवाई की गई है। बैंक के बाहर अब सुरक्षा व्यवस्था पर और नजर रखी जाएगी।
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नोटबंदी की समस्या अब लोगों की जान ले रही है। मंगलवार को कैश न मिलने से दो अलग-अलग स्थानों पर इलाज के अभाव में दो लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने बैंक आफ बड़ौदा शाखा से कैश न मिलने का आरोप लगाया है।
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गाजीपुर क्षेत्र के सुकेती गांव निवासी पुत्तन रैदास का बेटा विनोद (22) पांच दिसंबर से बीमार था। विनोद के लीवर और आंतों में सूजन थी। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाजीपुर ले गए थे, जहां से डाक्टरों ने उसे सात दिसंबर को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजन जब विनोद को जिला अस्पताल लेकर आए तो डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। इस दौरान परिजनों ने रुपये का इंतजाम न होने के कारण कानपुर न ले जाकर विनोद का जीटी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज शुरू किया। विनोद को घर में ही रखा गया। विनोद के भाई राजू व भाभी ममता ने बताया कि बैंक आफ बड़ौदा सुकेती में वह अपने खाते से रुपया निकालने गई थी ताकि विनोद का इलाज हो सके। लेकिन कैश नहीं मिला। हफ्तेभर से बैंक में कैश लेने जाते थे लेकिन कैश नहीं दिया गया। खाते में छह हजार रुपये थे, जो निकालने गए थे पर नहीं मिले। वहीं बैंक आफ बड़ौदा लीड बैंक मैनेजर एसएस तोमर ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। बीओबी सुकेती के शाखा प्रबंधक से पूछताछ की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। कहा कि सभी ब्रांच मैनेजरों को निर्देश हैं कि जरूरतमंदों को पहले कैश दें।
इधर, ललौली थाना क्षेत्र के लदिगवां निवासी मुश्ताक अली (55) की कई दिनों से तबियत खराब थी। वह जिला अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पत्नी शाहजहां ने बताया कि डाक्टरों ने कानपुर ले जाने को कहा था। उसका खाता इलाहाबाद बैंक बहुआ में है। रिश्तेदार इदरीश ने बताया कि शाहजहां कई दिन से बैंक में लाइन लगाती थी। लेकिन उन्हें रुपये नहीं मिल पा रहे थे। इसके चलते ही मुश्ताक का बेहतर उपचार नहीं हो सका, जिस कारण सोमवार की शाम मुश्ताक अली की सांसे थम गई।