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करंट से मजदूर की मौत, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:51 AM IST
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रोते-बिलखते मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बहुआ कस्बे में रविवार को पोल पर चढ़कर 11 हजार वोल्ट लाइन का जंपर जोड़ते समय लाइन चालू कर देने में मजदूर मोहन जोशी (44) की मौत हो गई। मोहन पहले तो तारों में चिपक जाने से झुलसने लगा, उसके बाद बीस फीट ऊंचाई से नीचे आ गिरा। गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उपकें द्र पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
मोहन जोशी ललौली थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ला निवासी रामबालक का बेटा था। वह दिहाड़ी मजदूरी पर बिजली का काम करता था। पत्नी मोहिनी ने बताया कि उपकेंद्र के लोग उसके पति से काम कराते थे। साथ ही भरोसा दिया गया था कि जल्द ही नियुक्ति करा देंगे। लाइनमैन राहुल पोल पर चढ़ने से डरता था। इस वजह से वह अक्सर उसे पति मोहन को ही पोल पर चढ़ाता था। इसके एवज में उन्हें रकम मिल जाती थी। इसी कमाई से परिवार का भरण पोषण होता था।
रविवार को उपकें द्र से कुछ दूरी पर 11 हजार वोल्टेज लाइन के टूटे जंपर को ठीक करने के लिए उसके पति को पोल पर चढ़ा दिया गया था। अचानक उपकेंद्र से लाइन चालू कर दी और मौत हो गई। इधर, जिला अस्पताल में मौत की पुष्टि की। बाद में परिजन शव को लेकर उपकेंद्र पहुंच गए। उपकेंद्र से कर्मचारी लापता हो चुके थे। मुआवजा व कार्रवाई की मांग करते हुए शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया गया।
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सूचना पर एसओ विपिन कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ का कहना है कि परिजनों की तहरीर के मुताबिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, बिजली विभाग के अफसर मोहन को अपना कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हैं।
शटडाउन का बोर्ड लगाकर जंपर जोड़ने गया था मोहन- बहुआ(फतेहपुर)। ग्रामीण दिहाड़ी मजदूर मोहन जोशी की मौत का जिम्मेदार बहुआ उपकेंद्र के एसएसओ को बताया जा रहा है। मोहन के परिजनों ने एसएसओ पर खुलकर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उपकेंद्र में शटडाउन का बोर्ड लगाकर मोहन पोल पर काम करने गया था। उस समय उपकेंद्र में एसएसओ बैठे थे। जानबूझकर लाइन चालू कर दी गई।
मोहन की पत्नी मोहिनी का कहना है कि उपकेंद्र में तैनात एसएसओ विनय कुमार पति को बहुत दौड़ाते थे। उपकेंद्र में शटडाउन का बोर्ड लगा होने का मतलब साफ है कि कोई लाइन में काम चालू है। इसके बावजूद लाइन चालू की गई। घटना के बाद उपकेंद्र छोड़कर सारे कर्मचारी भाग निकले हैं। सभी को फंसने का डर है।
मुखिया की मौत से परिजन बेहाल- परिवार के मुखिया की मौत से परिजन बेहाल हैं। पत्नी मोहिनी दहाड़ मारकर रोती बिलखती रही और बेसुध हो जाती रही। वहीं उसकी बेटी दीपिका व बेटों दीपू व अजय भी बिलखते रहे। पुलिस ने दीपू से फौरी सूचना लेकर शव को पोस्टमार्टम भेजा है।
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मोहन जोशी ललौली थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ला निवासी रामबालक का बेटा था। वह दिहाड़ी मजदूरी पर बिजली का काम करता था। पत्नी मोहिनी ने बताया कि उपकेंद्र के लोग उसके पति से काम कराते थे। साथ ही भरोसा दिया गया था कि जल्द ही नियुक्ति करा देंगे। लाइनमैन राहुल पोल पर चढ़ने से डरता था। इस वजह से वह अक्सर उसे पति मोहन को ही पोल पर चढ़ाता था। इसके एवज में उन्हें रकम मिल जाती थी। इसी कमाई से परिवार का भरण पोषण होता था।
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रविवार को उपकें द्र से कुछ दूरी पर 11 हजार वोल्टेज लाइन के टूटे जंपर को ठीक करने के लिए उसके पति को पोल पर चढ़ा दिया गया था। अचानक उपकेंद्र से लाइन चालू कर दी और मौत हो गई। इधर, जिला अस्पताल में मौत की पुष्टि की। बाद में परिजन शव को लेकर उपकेंद्र पहुंच गए। उपकेंद्र से कर्मचारी लापता हो चुके थे। मुआवजा व कार्रवाई की मांग करते हुए शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया गया।
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सूचना पर एसओ विपिन कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ का कहना है कि परिजनों की तहरीर के मुताबिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, बिजली विभाग के अफसर मोहन को अपना कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हैं।
शटडाउन का बोर्ड लगाकर जंपर जोड़ने गया था मोहन- बहुआ(फतेहपुर)। ग्रामीण दिहाड़ी मजदूर मोहन जोशी की मौत का जिम्मेदार बहुआ उपकेंद्र के एसएसओ को बताया जा रहा है। मोहन के परिजनों ने एसएसओ पर खुलकर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उपकेंद्र में शटडाउन का बोर्ड लगाकर मोहन पोल पर काम करने गया था। उस समय उपकेंद्र में एसएसओ बैठे थे। जानबूझकर लाइन चालू कर दी गई।
मोहन की पत्नी मोहिनी का कहना है कि उपकेंद्र में तैनात एसएसओ विनय कुमार पति को बहुत दौड़ाते थे। उपकेंद्र में शटडाउन का बोर्ड लगा होने का मतलब साफ है कि कोई लाइन में काम चालू है। इसके बावजूद लाइन चालू की गई। घटना के बाद उपकेंद्र छोड़कर सारे कर्मचारी भाग निकले हैं। सभी को फंसने का डर है।
मुखिया की मौत से परिजन बेहाल- परिवार के मुखिया की मौत से परिजन बेहाल हैं। पत्नी मोहिनी दहाड़ मारकर रोती बिलखती रही और बेसुध हो जाती रही। वहीं उसकी बेटी दीपिका व बेटों दीपू व अजय भी बिलखते रहे। पुलिस ने दीपू से फौरी सूचना लेकर शव को पोस्टमार्टम भेजा है।