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उद्योग केंद्र और विकास भवन में किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:30 AM IST
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सदर अस्पताल बंद कराते राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को जिला अस्पताल में हंगामा किया। प्रस्तावित इस कार्यक्रम के तहत अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सुबह 11 बजे तक ठप रही। इसके बाद हड़तालियों की टीम जिला उद्योग केंद्र और विकास भवन पहुंची, जिससे दोनों दफ्तरों में अफरातफरी मच गई। बाद में कर्मचारियों ने नहर कालोनी में धरना देकर मांगे पूरी न होने पर प्रदेश सरकार को सबक सिखाने की चेतावनी दी।
स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नर्सें और फार्मासिस्ट आंदोलन में शामिल हैं। इसके तहत 11 व 12 अगस्त को इन्हें सुबह आठ से 11 बजे तक काम का बहिष्कार करना था। काम करने की शिकायत पर हड़ताली कर्मचारी सुबह नौ बजे सदर अस्पताल पहुंचे। इनके पहुंचते ही हड़ताल में शामिल संगठनों के कर्मचारी बाहर निकल आए, जिससे ओपीडी का काम ठप हो गया। इसके बाद कर्मचारी जिला उद्योग केंद्र पहुंचे, यहां पर प्रबंधक नहीं थे। यहां के कर्मचारियों को साथ लेकर हड़ताली कर्मचारी विकास भवन पहुंचे, यहां पर परिषद में शामिल कर्मचारियों को बाहर निकाला।
कर्मचारियों का जत्था नहर कालोनी पहुंचा। इस दौरान धरनास्थल पर कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जहर उगला। परिषद के पूर्व जिला मंत्री हृदयेश श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को हडताल की सफलता के गुर बताए। परिषद जिलाध्यक्ष अशोक कुमार ने धरने में शामिल कर्मचारियों का आभार जताया। नलकूप तकनीकी संघ के जिला मंत्री राम सिंह ने आल्हा के माध्यम से मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव पर कटाक्ष किया। अमीन संघ के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार ने आजादी के बाद लुटाया देश का धन चौराहे पर गीत के माध्यम से सांसद, विधायकों पर कटाक्ष किया।
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परिषद के जिला मंत्री विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिना शासनादेश जारी हुए कर्मचारियों का आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों का हौसला आफजाई की। इस मौके पर नर्सेज संघ की हीरामनी, आशा बहू संघ की गीता कुमारी, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के राजेश सिंह, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष सिंह, श्वेता त्रिपाठी, राजसेन श्रीवास्तव, अनिल मिश्रा, विवेक द्विवेदी, रत्नेश पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किए।
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स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नर्सें और फार्मासिस्ट आंदोलन में शामिल हैं। इसके तहत 11 व 12 अगस्त को इन्हें सुबह आठ से 11 बजे तक काम का बहिष्कार करना था। काम करने की शिकायत पर हड़ताली कर्मचारी सुबह नौ बजे सदर अस्पताल पहुंचे। इनके पहुंचते ही हड़ताल में शामिल संगठनों के कर्मचारी बाहर निकल आए, जिससे ओपीडी का काम ठप हो गया। इसके बाद कर्मचारी जिला उद्योग केंद्र पहुंचे, यहां पर प्रबंधक नहीं थे। यहां के कर्मचारियों को साथ लेकर हड़ताली कर्मचारी विकास भवन पहुंचे, यहां पर परिषद में शामिल कर्मचारियों को बाहर निकाला।
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कर्मचारियों का जत्था नहर कालोनी पहुंचा। इस दौरान धरनास्थल पर कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जहर उगला। परिषद के पूर्व जिला मंत्री हृदयेश श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को हडताल की सफलता के गुर बताए। परिषद जिलाध्यक्ष अशोक कुमार ने धरने में शामिल कर्मचारियों का आभार जताया। नलकूप तकनीकी संघ के जिला मंत्री राम सिंह ने आल्हा के माध्यम से मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव पर कटाक्ष किया। अमीन संघ के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार ने आजादी के बाद लुटाया देश का धन चौराहे पर गीत के माध्यम से सांसद, विधायकों पर कटाक्ष किया।
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परिषद के जिला मंत्री विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिना शासनादेश जारी हुए कर्मचारियों का आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों का हौसला आफजाई की। इस मौके पर नर्सेज संघ की हीरामनी, आशा बहू संघ की गीता कुमारी, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के राजेश सिंह, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष सिंह, श्वेता त्रिपाठी, राजसेन श्रीवास्तव, अनिल मिश्रा, विवेक द्विवेदी, रत्नेश पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किए।