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साल का अाखिरी दिन रहा सबसे ठंडा
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sun, 01 Jan 2017 12:08 AM IST
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बिंदकी बस स्टाप में आग तापते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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साल के आखिरी दिन ठंड का रिकार्ड टूट गया। शनिवार को इस मौसम का सबसे अधिक ठंडा दिन रहा। गर्म कपड़ा पहनने के बाद भी ठिठुरन बनी रही। अधिकारी व कर्मचारी दफ्तरों में ठंड से कांपते दिखाई दिए। दूसरे दिन भी सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। बूढ़े और बच्चे घरों में दुबके रहे। बाहर निकलने वाले ठिठुरते दिखे। उधर, ठंड से शहर में दो और लोगों की मौत हुई है।
सुबह से ही लोगों को बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ा। लोग देर तक रजाई में घुसे रहे। दरवाजे पर ही आग जलाकर लोग तापते रहे। सार्वजनिक स्थानों में दिनभर अलाव जलते रहे। गरीब मजदूर भी अलाव के पास बैठ कर ठंड दूर करते दिखाई दिए। शहर के आवास विकास कालोनी निवासी 60 वर्षीय अरुण कुमार श्रीवास्तव की ठंड से मौत हो गई। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के युवा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड से पेट में दर्द हुआ। इलाज के लिए एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने हालत गंभीर देख कर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। नर्सिंग होम से कुछ ही दूर जाने के बाद मौत हो गई। इसी प्रकार हरिहरगंज निवासी 63 वर्षीय भगवान प्रसाद श्रीवास्तव की ठंड से सुबह ही हालत बिगड़ गई। परिजनों ने आग जलाकर उनको राहत पहुंचाई। कुछ देर तो ठीक रहने के बाद अचानक पेट में दर्द हुआ। चित्रांश महासभा के उपाध्यक्ष रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
ठंड की वजह से ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहीं। अप लाइन की मथुरा एक्सप्रेस रद्द रही। डाउन की हावड़ा जोधपुर व कालका मेल दूसरे दिन स्टेशन पर आई। हावड़ा-दिल्ली रूट की अन्य ट्रेन भी देरी से स्टेशन पहुंचीं। यात्री प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म में बैठ कर इंतजार करते रहे। पूरब की ओर जाने वाली हावड़ा जोधपुर 29 घंटा, कालका 24 घंटा, मुरी साढ़े चार घंटा, जयपुर इलाहाबाद 17 घंटा, प्रयागराज 11 घंटा, संगम साढ़े नौ घंटा, जोधपुर हावड़ा साढ़े आठ घंटा और नंदन कानन नौ घंटा देरी से स्टेशन पहुंची। इसी प्रकार पश्चिम की ओर जाने वाली इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस रद्द रही। तूफान नौ घंटा, महानंदा छह घंटा, कालका साढ़े चार घंटा, मुरी 10 घंटा, जोधपुर-हावड़ा तीन घंटा देरी से प्लेटफार्म पर पहुंची।
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लशनिवार को लगातार तीसरे दिन नगर समेत ग्रामीण अंचलों में हाड़कंपाऊ ठंड और कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। नगरों से अधिक गांवों में ठंडक पड़ रही है। जंगली पशु-पक्षी आबादी के आसपास मंडराने लगे हैं। रात को तो गांव के अंदर घुस आते हैं। किसान अधिक ठंड पड़ने से खेतों की निराई, गुड़ाई, सिंचाई नही कर पा रहे हैं। किसान चंद्रकिशोर राम लखन और बिहारी ने बताया कि इस मौसम की अत्याधिक ठंड तीन दिनों से जारी है। ठंड के कारण खेती बाड़ी का काम नहीं हो रहा है। मवेशी भी ठंड से बेहाल हैं।
सुबह से ही लोगों को बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ा। लोग देर तक रजाई में घुसे रहे। दरवाजे पर ही आग जलाकर लोग तापते रहे। सार्वजनिक स्थानों में दिनभर अलाव जलते रहे। गरीब मजदूर भी अलाव के पास बैठ कर ठंड दूर करते दिखाई दिए। शहर के आवास विकास कालोनी निवासी 60 वर्षीय अरुण कुमार श्रीवास्तव की ठंड से मौत हो गई। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के युवा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड से पेट में दर्द हुआ। इलाज के लिए एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने हालत गंभीर देख कर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। नर्सिंग होम से कुछ ही दूर जाने के बाद मौत हो गई। इसी प्रकार हरिहरगंज निवासी 63 वर्षीय भगवान प्रसाद श्रीवास्तव की ठंड से सुबह ही हालत बिगड़ गई। परिजनों ने आग जलाकर उनको राहत पहुंचाई। कुछ देर तो ठीक रहने के बाद अचानक पेट में दर्द हुआ। चित्रांश महासभा के उपाध्यक्ष रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
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ठंड की वजह से ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहीं। अप लाइन की मथुरा एक्सप्रेस रद्द रही। डाउन की हावड़ा जोधपुर व कालका मेल दूसरे दिन स्टेशन पर आई। हावड़ा-दिल्ली रूट की अन्य ट्रेन भी देरी से स्टेशन पहुंचीं। यात्री प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म में बैठ कर इंतजार करते रहे। पूरब की ओर जाने वाली हावड़ा जोधपुर 29 घंटा, कालका 24 घंटा, मुरी साढ़े चार घंटा, जयपुर इलाहाबाद 17 घंटा, प्रयागराज 11 घंटा, संगम साढ़े नौ घंटा, जोधपुर हावड़ा साढ़े आठ घंटा और नंदन कानन नौ घंटा देरी से स्टेशन पहुंची। इसी प्रकार पश्चिम की ओर जाने वाली इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस रद्द रही। तूफान नौ घंटा, महानंदा छह घंटा, कालका साढ़े चार घंटा, मुरी 10 घंटा, जोधपुर-हावड़ा तीन घंटा देरी से प्लेटफार्म पर पहुंची।
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लशनिवार को लगातार तीसरे दिन नगर समेत ग्रामीण अंचलों में हाड़कंपाऊ ठंड और कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। नगरों से अधिक गांवों में ठंडक पड़ रही है। जंगली पशु-पक्षी आबादी के आसपास मंडराने लगे हैं। रात को तो गांव के अंदर घुस आते हैं। किसान अधिक ठंड पड़ने से खेतों की निराई, गुड़ाई, सिंचाई नही कर पा रहे हैं। किसान चंद्रकिशोर राम लखन और बिहारी ने बताया कि इस मौसम की अत्याधिक ठंड तीन दिनों से जारी है। ठंड के कारण खेती बाड़ी का काम नहीं हो रहा है। मवेशी भी ठंड से बेहाल हैं।