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इधर सत्ता का गुरूर तो उधर वर्दी की धौंस
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:37 AM IST
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ज्वालागंज में स्थित पेट्रोल पंप पर गुरुवार को हुआ बवाल दोनों पक्षों की ओर से दबंगई का नतीजा है। एक पक्ष पर सत्ता का गुरुूर तो दूसरी तरफ वर्दी की धौंस थी। नतीजन दोनों ने बाहें बटोर ली। जमकर मारपीट हुई। मारपीट के वक्त पंप पर भगदड़ की स्थिति बन गई। पेट्रोल भराने पहुंचे ग्राहक इधर उधर भाग लिए। लेकिन विवाद थमा तो पंप के आसपास रहने वाले भी सकते में नजर आए।
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सपा नेता के पेट्रोल पंप पर गुरुवार को हुए बवाल की नींव तीन दिन पहले पड़ गई थी। बताया जाता है कि जेल पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने तीन दिन पहले पेट्रोल भराया था। उस वक्त भी उन्होंने मिलावट को लेकर नाराजगी जताई थी और पंपकर्मियों से कहासुनी हुई थी। गुरुवार को वे बाइक में पेट्रोल भराने गए तो तीन दिन पहले की घटना को लेकर ऐतराज जताया। वह पेट्रोल भराने के बाद कुछ दूर गए और बाइक बंद हो गई। इस पर उन्होंने बोतल में पेट्रोल निकाला और उसे लेकर शिकायत करने पेट्रोल टंकी पर पहुंचे। उन्होंने मिलावट की शिकायत कानूनी तरीके से करने के बजाय पंपकर्मियों को वर्दी का रौब दिखाया। इसी वजह से बात बढ़ गई। दरोगा के साथ नोंकझोंक की जानकारी मिलने पर कोतवाल आरएस सोनकर भी ताव खा गए और आबूनगर चौकी प्रभारी सहित भारी संख्या में फोर्स लेकर पेट्रोल पंप पर जा धमके। उन्होंने कानूनी कार्रवाई कराने के बजाय सीधे वर्दी का धौंस जमाया। जबकि दूसरे पक्ष पर भी सत्ता का नशा सिर चढ़ कर बोल रहा था। कोतवाल और अन्य पुलिसकर्मियों के रौब गांठने पर सपा नेता के रिश्तेदार ने भी अपनी हनक दिखाने की कोशिश की। सत्ता के नशे में चूर सपा नेता के रिश्तेदार ने बातचीत का रास्ता अपनाने के बजाय सीधे भिड़ ही गया। जिसका नतीजा रहा कि पेट्रोल पंप पर जमकर मारपीट हुई। इतना ही नहीं मारपीट के बाद सपा के वरिष्ठ नेता पूरी तरह लामबंद रहे। वे पेट्रोल पंप पर पहुंचे और सारा इल्जाम पुलिस पर थोप दिया। सीओ सहित अन्य पुलिस अफसरों ने भी डटकर मुकाबला किया। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच करीब चार घंटे निकल गए, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस पर दोनों पक्ष पेट्रोल पंप से लौट गए। सपा नेताओं ने डीएम, एसपी और शासन तक मामले की जानकारी दी है। हालांकि पुलिस कप्तान दरोगा की पिटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का दावा करते रहे, लेकिन रात नौ बजे तक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकी। इतना ही नहीं मेडिकल कराने के बाद पिटा दरोगा भी पीछे हटता नजर आया। वह मीडिया से खुद के साथ हुए वाकये को बताने से इनकार कर दिया। बाद में उसने अपना मोबाइल भी स्वीच आफ कर लिया।
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शहर पुलिस और सपाइयों के बीच काफी समय से चल रही है तनातनी
जिले में शहर पुलिस और सपाइयों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है। एसपी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सख्ती का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद से सपाई बौखलाए हुए थे।
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गौरतलब है कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद एसपी अनीस अहमद अंसारी ने पहले दिन ही साफ संकेत दिए थे कि कानून व्यवस्था सुधारने में किसी का बेजा दबाव नहीं माना जाएगा। एसपी की कार्यशैली से थाना पुलिस कानून व्यवस्था पर काफी हद तक काबू पाने में सफलता पाती दिख रही है। इसकी वजह नाजायज राजनीतिक दखल और दबाव को न मानना है। इसे लेकर सपाइयों के एक बड़े खेमे में काफी उथल पुथल चल रही थी। इन स्थितियों में सपा नेता के पेट्रोल पंप में हुई घटना सपाइयों के लिए मुद्दा बन गया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की पिटाई के मामले में पुलिस अधीक्षक का रुख सख्त है। मामले को रफादफा करने को लेकर जिले के कुछ बड़े सपा नेताओं ने एसपी से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इस मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का दो टूक जवाब दिया है। सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि वह घटना के बाद कानपुर चले गए थे और लौटने के बाद एसपी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद ही कोई जवाब देंगे।
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पेट्रोलियम एसोसिएशन ने की घटना की निंदा
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के महासचिव ने ज्ञानेंद्र सचान उर्फ ज्ञानू ने बताया पुलिस की पेट्रोल पंप में की गई हरकत से पेट्रोल पंप मालिक आहत हैं। पुलिस का काम शांति व्यवस्था बनाए रखना है। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की ओर से घटना की निंदा की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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कोतवाल से बोले, ‘शाम तक देख लूंगा’
घटना के समय जब पेट्रोल पंप के केबिन में पुलिस के अधिकारियों और पेट्रोल पंप मालिक व सपा जिला उपाध्यक्ष अमरदीप सिंह पप्पू के बीच बात हो रही थी। उस दौरान गुस्से में आकर पप्पू सिंह ने कोतवाल आरएस सोनकर से कह दिया कि, ‘शाम तक देख लूंगा’। इस बयान पर जब पत्रकारों ने उनसे यह पूछ लिया कि यह आप सत्ता पक्ष का दबाव बना रहे हैं तो वह सन्न रह गए। इस बात की काफी चर्चा रही।