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Fatehpur News: अखरी तिहरे हत्याकांड के गैंगस्टर मामले में मुंशी की गवाही
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फतेहपुर। हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव के तिहरे हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर मामले में शनिवार को मुंशी (प्राथमिकी लेखक) की गवाही हुई। बचाव पक्ष ने गवाह से जिरह की मांग की, जिस पर अभियोजन ने आपत्ति जताई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है।
अखरी गांव में आठ अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश में भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), उनके भाई अनूप सिंह (40) और अनूप के पुत्र अभय प्रताप सिंह (21) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गैंगस्टर मामले की सुनवाई के लिए कौशाम्बी जेल से पुलिस गांव के ही आरोपी पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उनके पुत्र पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल को लेकर कोर्ट पहुंची।
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गैंगस्टर मुकदमे के वादी इंस्पेक्टर दुर्गेश प्रसाद गुप्ता की गवाही पहले हो चुकी है। इसके बाद प्राथमिकी लेखक अभिषेक मिश्रा की गवाही हुई। बचाव पक्ष ने लेखक से जिरह की अनुमति मांगी, जबकि अभियोजन ने वादी से पहले ही जिरह होने का हवाला देते हुए आपत्ति दाखिल की और अनुमति न देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की।
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अखरी गांव में आठ अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश में भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), उनके भाई अनूप सिंह (40) और अनूप के पुत्र अभय प्रताप सिंह (21) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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गैंगस्टर मामले की सुनवाई के लिए कौशाम्बी जेल से पुलिस गांव के ही आरोपी पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उनके पुत्र पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल को लेकर कोर्ट पहुंची।
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गैंगस्टर मुकदमे के वादी इंस्पेक्टर दुर्गेश प्रसाद गुप्ता की गवाही पहले हो चुकी है। इसके बाद प्राथमिकी लेखक अभिषेक मिश्रा की गवाही हुई। बचाव पक्ष ने लेखक से जिरह की अनुमति मांगी, जबकि अभियोजन ने वादी से पहले ही जिरह होने का हवाला देते हुए आपत्ति दाखिल की और अनुमति न देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की।