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अब स्कूल जाने से नहीं बच पाएंगे शिक्षक

Wed, 30 Dec 2020 12:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:20 AM IST
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Teachers will not be able to avoid going to school now
फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब स्कूल जाने से बच नहीं पाएंगे। नए शैक्षिक सत्र में अनिवार्य रूप से शत प्रतिशत परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा एप प्रभावी होगा।
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शिक्षकों को विद्यालय में खड़े होकर दो बार सेल्फी के साथ अपनी हाजिरी इस एप पर लगानी होगी। एप व्यवस्था लागू करने के लिए विभाग ने बाधा भी दूर कर ली है। जल्द ही सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टेबलेट देने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में प्रेरणा एप लागू किया था। लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपने मोबाइल में एप अपलोड करने से साफ मना कर दिया था।
इस एप के माध्यम से सभी शिक्षकों को स्कूल पहुंचने और बंद करते समय स्कूल भवन और बच्चों के साथ अपनी फोटो भेजना था। इसके साथ ही एमडीएम पकाते और खाते समय का फोटो भी भेजना है।
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प्रेरणा एप व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंच कर पूरे समय स्कूल में उपस्थिति अनिवार्य थी। इसलिए शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया था।
शिक्षकों ने विभाग से मोबाइल उपलब्ध कराने पर एप के माध्यम से काम करने को कहा था। ऐसे में विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मोबाइल के बजाय टेबलेट उपलब्ध कराने को हरी झंडी दे दी है।
इसके लिए शासन पहले चरण में फतेहपुर समेत 18 बीएसए को पत्र भेजा है। जिसमें जल्द ही प्रशिक्षण कराने को भी कहा गया है।
एप लागू होने के पहले जिले को 2123 टेबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इनमें 480 कंपोजिट विद्यालय, 266 उच्च प्राथमिक स्कूल और 1384 प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक शामिल हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र में शत प्रतिशत स्कूलों को टेबलेट उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

इसके बाद दिन मेें दो बार शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। हाजिरी न दे पाने वाले शिक्षकों को अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के करीब पांच प्रतिशत चहेते शिक्षक कभी कभार ही स्कूल जाते हैं। इनमें शिक्षक नेता और उनके करीबी शिक्षक हैं। इनके अलावा कई शिक्षकों को वेतन फीडिंग के साथ विभाग ने अन्य कार्यों के लिए कार्यालयों में संबद्ध कर रखा है। ऐसे शिक्षकों को भी नियुक्त स्कूलों की फोटो के साथ हाजिरी भेजना होगा, क्योंकि कोई भी संबद्ध शिक्षक को नियुक्त विद्यालय से ही वेतन जारी होता है।
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