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हद है : 40 फीसदी तक घरों पर कराए गए प्रसव

Sat, 16 Nov 2024 01:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 01:07 AM IST
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Tank water did not reach homes, fields were being irrigated...
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली इस कदर हावी है कि आकांक्षात्मक ब्लाक पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां 40 फीसदी तक प्रसव घरों पर कराए गए। समीक्षा में इस बात का खुलासा होने से सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को आशाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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जनपद में लोहिया अस्पताल व सिविल अस्पताल के अलावा नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा 34 पीएचसी व 234 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। शासन से आदेश हैं कि जिले के दोनों आकांक्षात्मक ब्लाक नवाबगंज व राजेपुर को सभी सरकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली कम होने का नाम नहीं ले रही है। सीएमओ ने वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक ग्राम पंचायतों में सरकारी अस्पतालों में हुए प्रसव की समीक्षा की। आकांक्षात्मक ब्लाक नवाबगंज के आठ स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर 54 फीसठी तक प्रसव घरों में होना पाया गया। स्वास्थ्य उपकेंद्र गुठिना क्षेत्र में कुल 135 प्रसव हुए। इनमें 54 प्रसूताओं ने घरों में बच्चे को जन्म दिया। जो करीब 40 फीसदी है।
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सिलसंडा क्षेत्र में कुल 128 प्रसूताओं में से 44, फतेहपुर परौली के 188 में 45, रसीदपुर मई क्षेत्र के 136 में 23, सियानी क्षेत्र में 93 में से 15, पिलखना क्षेत्र में 149 में 35, कढि़उली क्षेत्र में 114 में से 17 व स्वास्थ्य उपकेंद्र नगला बारंग क्षेत्र में 101 प्रसूताओं में से 16 ने घर पर बच्चों को जन्म दिया। सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को भेजे पत्र में कहा कि आशाओं का कार्य संतोषजनक नहीं है। इसकी नियमित समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
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