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Fatehpur News: दर्जा मेडिकल कॉलेज का, सुविधाएं जिला अस्पताल की नहीं

Tue, 12 Dec 2023 11:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Tue, 12 Dec 2023 11:30 AM IST
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Status of medical college, facilities not of district hospital
फतेहपुर। मेडिकल कॉलेज का है लेकिन सुविधाएं जिला अस्पताल की नहीं हैं। अस्पताल को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने के 1.05 करोड़ की लागत से बना स्वतंत्र फीडर सात साल से बंद है। बिजली कटौती होने पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस, आक्सीजन प्लांट आदि चिकित्सीय सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
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जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए बना स्वतंत्र फीडर सात साल से बंद पड़ा है। इसे चालू कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह और सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने अब तक कोई भी ठोस पहल नहीं की। मुराइनटोला उपकेंद्र से जुड़ी जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति 24 घंटे में चार से छह बार कटना तय है। ऐसी हालत में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस, आक्सीजन प्लांट, पैथोलाॅजी आदि से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
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जिला अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था तो है, लेकिन डीजल का बजट नहीं मिलता। ऐसे में बिजली कटौती के समय जनरेटर चलाना अस्पताल के लिए मुश्किल है। दिन में तो कभी कभार जनरेटर चलता भी है, लेकिन रात में जनरेटर बंद ही रहता है। कभी-कभी तो मोबाइल की रोशनी में भर्ती रोगियों को ड्रिप और इंजेक्शन देना पड़ता है। इस समस्या के निराकरण के लिए इनवर्टर कारगर विकल्प नहीं हो सकता, क्योंकि यह व्यवस्था घंटे आधा घंटे ही चल पाती है।
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केबल में फॉल्ट से आपूर्ति ठप



2014 तक जिला अस्पताल को 24 घंटे बिजली मिलती रही, लेकिन इसके बाद रेलवे लाइन के नीचे की केबल में फाल्ट होने से स्वतंत्र फीडर बंद हो गया। सात साल बीतने के बाद भी अस्पताल को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने वाला फीडर चालू कराने के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने प्रयास नहीं किया।

पड़ रहा आर्थिक बोझ

जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति न होने के कारण आर्थिक बोझ पड़ रहा है। 10 किलोवाट का लगा जनरेटर चलाने में प्रति घंटे आठ लीटर डीजल खर्च होता है। एक से दो घंटे प्रतिदिन जनरेटर चलाया जाता है। इस तरह से 40 से 45 हजार हर माह डीजल पर खर्च हो रहा है।



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बयान:-



जिला अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बना स्वतंत्र फीडर खराब है। मरम्मत के लिए बराबर पत्राचार किया जा रहा है। जनरेटर चलाने में कुछ मिनट का समय लगता है।




-डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

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बयान:-

जिला अस्पताल का स्वतंत्र फीडर अनुरक्षण अवधि में खराब हुआ है। फीडर बनाने वाले ठेकेदार से बराबर कहा जा रहा है, लेकिन अभी तक रेलवे लाइन के नीचे की खराब केबिल दुरस्त नहीं की जा रही है। इसके लिए उच्चधिकारियों को लिखा पढ़ी की जाएगी।

प्रमोद अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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