फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Specialist doctors are not available in the district hospital on Sundays

Fatehpur News: जिला अस्पताल में रविवार को नहीं मिलते विशेषज्ञ डॉक्टर

Mon, 11 Mar 2024 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Mon, 11 Mar 2024 01:33 AM IST
विज्ञापन
Specialist doctors are not available in the district hospital on Sundays
फोटो-05-जिला अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर मरीज को एंबुलेंस में बैठाते परिजन। संवाद
विज्ञापन

फोटो-06-जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
फोटो-07-इमरजेंसी में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी, मोबाइल देख रहे कर्मी। संवाद

-गंभीर मरीज को देखते ही करते हैं रेफर, अवकाश के दिन वार्ड में राउंड पर नहीं जाते डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिला अस्पताल में रविवार को विशेषज्ञ डाक्टरों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मामूली चुटहिल, सर्दी-जुकाम व बुखार के रोगियों का इलाज होता है। इमरजेंसी में एक जूनियर डॉक्टर और फार्मासिस्ट बैठते हैं। गंभीर मरीज को सीधे हैलट रेफर किया जाता है।
जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है। यहां पर जनरल फिजीशियन व विशेषज्ञ समेत 84 डाक्टरों की नियुक्ति है। कार्यदिवस में भी आठ से 10 डाक्टर ही ओपीडी में मरीज देखते हैं। दूसरे डाक्टरों का पता नहीं रहता। रविवार को जिला अस्पताल में स्थिति बेहद खराब रहती है। तीन चरणों में जूनियर डाक्टर आठ-आठ घंटे ड्यूटी करते हैं। इनका काम मेडिकल रिपोर्ट बनाने के साथ मलहम-पट्टी तक सीमित है।
विज्ञापन

डॉक्टर के आवासों में रहते हैं चतुर्थ श्रेणी कर्मी
जिला अस्पताल के पीछे चतुरी के पुरवा में डॉक्टर के लिए आवास बने हैं, लेकिन इन आवासों में एक भी डॉक्टर नहीं रहते। वर्तमान समय में सिर्फ चतुर्थ श्रेणी और संविदा कर्मी ही इन आवासों में रह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों ने बताई परेशानी
फोटो-08- खखरेडू निवासी मोहित ने बताया कि पिता अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं। शनिवार शाम से कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आया। नर्स से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, तो वह मरीज को कानपुर ले जाने के लिए कह रही हैं।
फोटो-09- सिधांव निवासी अमित की मां महिला वार्ड में भर्ती हैं। बताया कि मां को तेज बुखार है, लेकिन डॉक्टर देखने नहीं आए। इमरजेंसी में डॉक्टर से बताया तो वह दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कह रहे हैं।

बयान:-
अस्पताल के सभी डॉक्टरों को अवकाश के दिन भी फोन कर बुलाने का प्रावधान है। जिस डॉक्टर का मरीज भर्ती होता है, जरूरत पर नर्स संबंधित डॉक्टर को फोन कर सकती है। न आने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।-डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य मेडिकल कालेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed