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हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

Tue, 04 Aug 2015 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Tue, 04 Aug 2015 12:17 AM IST
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Speaking bomb Jaykaron ghost Bhavana between the innocent Shankar Jalabhishek

मन में भोले बाबा जुबां पर ओम नम: शिवाय की श्रद्धा के साथ शिवालयों में रविवार रात से शिव भक्तों का तांता लग गया। श्रद्धालु हाथों में एक लोटा जल व बेल पत्र लेकर शिवालय पहुंचे। सावन के पहले सोमवार को बोल बम के जयकारों के बीच भूत भावन भोले शंकर का जलाभिषेक किया। भृगुधाम भिटौरा पहुंचे कांवरियों ने गंगा जल लेकर तांबेश्वर मंदिर पहुंचे और हर हर महादेव के जयकारों के बीच बाबा को प्रसन्न किया।

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भोर पहर से ही भक्तों के शिवालयों की ओर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। शहर के सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर में शंभूनाथ के दर्शन के लिए महिला और पुरुष की अलग अलग लाइन लगी रही। सुरक्षा के मद्देनजर वर्दीधारी भी ड्यूटी पर डटे रहे। भक्तों ने शिवलिंग में ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए किया। फिर मलया गिरी चंदन का नीलकंठ धारी को लेपन कर अक्षत (चावल), मंदार पुष्प, धतूर, दूध, दही, घृत, शहद, चंदन, बेल पत्र प्रभु को अर्पित कर मनोवांछित फल की कामना की। हुसैनगंज संवाददाता के अनुसार भृगुधाम भिटौरा स्थित ओम घाट में दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे और गंगा नदी में पुण्य की डुबकी लगाई। आचार्यों का मनाना है कि सावन के महीने में गंगा स्नान करके महादेव की आराधना करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। बिंदकी में कस्बे के माता चंद्रिका बक्सर घाट, शिवराजपुर, कानपुर के ढूड़ीघाट सहित गंगा के अन्य घाटों में बिंदकी नगर सहित तहसील क्षेत्र के ग्रामीणांचल से भक्तों की भीड़ दोपहिया, चारपहिया वाहनों व ट्रैक्टरों से हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए निकल पड़े। तहसील क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर डूंड़ेश्वर बाबा, जाफरगंज क्षेत्र के अरगलेश्वर, सिद्धेश्वर, चांदपुर क्षेत्र के गूढ़ेश्वर बाबा सहित हजारों की संख्या में बने शिवमंदिरों में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं बच्चों की भीड़ भोर पहर से ही जुटनी शुरू हो गई। हजारों की संख्या में लोगों ने उपवास रखकर मनोकामनाएं पूर्ण होने के लिए मन्नतें मानीं। एसडीएम जेएन सचान, सीओ आरके वर्मा ने बताया कि मंदिरों में आने-जाने वाले रास्तों में सफाई कराए जाने के निर्देश अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद बिंदकी को दिए गए है।
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रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय से पाएं मनोवांछित फल
सावन के महीने में अलग अलग स्थानों पर रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय का जाप कराया गया। आचार्यों ने विधि विधान से आयोजन कराए और भक्तों ने मनोवांछित फल की कामना की। तांबेश्वर मंदिर में सावन के पहले सोमवार में मेले का आयोजन किया गया। भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन करने के बाद खरीदारी भी की। वहीं महिलाओं ने घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदी। बच्चों ने झूला झूला और चाट, बतासे व आइसक्रीम का आनंद उठाया। तांबेश्वर मंदिर में भक्तों ने नागदेवता के दर्शन भी किए।
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खागा के कुंडेश्वर धाम में पूजा अर्चना करते भक्त
क्षेत्र के बहुचर्चित आस्था के केंद्र कुंडेश्वर धाम में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिर के एक फर्लांग दूर से शिव भक्त बोल बम का जयघोष करते हुए मंदिर पहुंचे।  सभी शिवभक्त कतारबद्ध होकर मंदिर के अंदर जाकर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। इसी प्रकार नगर समेत किशनपुर, धाता, विजयीपुर, प्रेमनगर, हथगाम आदि कस्बों और गांव के शिव मंदिरों में भक्तों ने भगवान शिवशंकर की पूजा करके अपने कष्टों के निवारण का वरदान मांगा।

भगवान कुंडेश्वर के दर्शन
से धुल जाते हैं सारे पाप
नगर से करीब आठ किलोमीटर दूर नगरीय गांव में स्थित कुंडेश्वर धाम पूरे क्षेत्र में आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में हर दिन शिवभक्त सैकड़ों की संख्या में दर्शन करने आते हैं। वहीं सोमवार को भी भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है। फाल्गुन मास के शिवरात्रि पर्व पर दूर दूर से शिवभक्त दर्शन करने आते हैं। विशाल भंडारे का आयोजन होता है और मेला लगता है।

भक्तों का मानना है कि कुंडेश्वर के दर्शन मात्र से ही सारे धुल जाते हैं। कष्टों का निवारण हो जाता है। जीवन में सुख और समृद्धि आती है। भगवान कुंडेश्वर महादेव का यह मंदिर दशकों पुराना है। गांव के बुजुर्ग संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि लोगों का यह मानना है कि मंदिर के शिवलिंग की स्थापना रावण द्वारा की गई थी। भगवान शिव से वरदान पाने के बाद शिवलिंग को लेकर रावण लंका वापस लौट रहे थे। तभी उन्होंने यह मूर्ति गांव के इसी स्थान पर रख दिया था। दोबारा जब इस मूर्ति को ले जाने के लिए उठा रहे थे। मूर्ति दोबारा स्थान से हिली तक नहीं है। तब से गांव के बुजुर्गों ने पूजा अर्चना शुरू कर दिया। वहीं मंदिर के पुजारी गोपालदास महराज का कहना है कि चौबीस घंटे में शिवलिंग का तीन बार रूप बदलता है। ताराचंद्र मिश्रा, पूर्व प्रधान ओमचंद्र मिश्रा ने बताया कि कुंडेश्वर धाम शिव मंदिर में कौशांबी, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद , बांदा, चित्रकूट जनपदों से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। जिनकी मनोकामना पूरी होती है।

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