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शिव अवतरण शोभायात्रा में झूमे भक्त
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:07 AM IST
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शिव रथयात्रा में शामिल भक्त, शिव-पार्वती की झांकी।
- फोटो : अमर उजाला
नगर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर शनिवार को प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय की ओर से शिव अवतरण शोभायात्रा निकाली गई। इसका नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए बड़े हनुमान मंदिर में समापन हुआ। यहां पर विश्वविद्यालय की बहनों ने प्रवचन किया।
शोभायात्रा को विधायक कृष्णा पासवान और नगर पंचायत अध्यक्ष गीता सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा नगर के चौक, सब्जी मंडी, बस स्टैंड, नौबस्ता रोड होते हुए हनुमान मंदिर पहुंची। शिव बारात में भक्त डीजे की धुन पर मस्त हो गए। शिव-पार्वती और भारत माता की झांकी अद्भुत रही। इस अवसर पर मीरा बहन, विमला बहन, माया शिवहरे, शिवचंद्र शुक्ला, बजरंगी शुक्ला, राजेश चौधरी, दिनेश सोनी, धीरज मोदनवाल, दिनेश कुमार रहे।
शिवयात्रा समापन के बाद ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से आई बहन मीरा ने भगवान शिव के अध्यात्म का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव के उपवास का सच्चा अर्थ है कि हम परमात्मा शिव के समीप रहें। जागरण का अर्थ है कि विकारों और व्यसनों से बचें रहे। शिव पर धतूर और बेलपत्र अर्पित करने का अर्थ है कुरीतियों तथा विकार को परमपिता शिव को अर्पित कर दें।
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शोभायात्रा को विधायक कृष्णा पासवान और नगर पंचायत अध्यक्ष गीता सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा नगर के चौक, सब्जी मंडी, बस स्टैंड, नौबस्ता रोड होते हुए हनुमान मंदिर पहुंची। शिव बारात में भक्त डीजे की धुन पर मस्त हो गए। शिव-पार्वती और भारत माता की झांकी अद्भुत रही। इस अवसर पर मीरा बहन, विमला बहन, माया शिवहरे, शिवचंद्र शुक्ला, बजरंगी शुक्ला, राजेश चौधरी, दिनेश सोनी, धीरज मोदनवाल, दिनेश कुमार रहे।
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शिवयात्रा समापन के बाद ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से आई बहन मीरा ने भगवान शिव के अध्यात्म का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव के उपवास का सच्चा अर्थ है कि हम परमात्मा शिव के समीप रहें। जागरण का अर्थ है कि विकारों और व्यसनों से बचें रहे। शिव पर धतूर और बेलपत्र अर्पित करने का अर्थ है कुरीतियों तथा विकार को परमपिता शिव को अर्पित कर दें।
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