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Fatehpur News: 158 बिजली कर्मचारियों को रोका वेतन
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फतेहपुर। फेशियल अटेंडेंस एप (ऊर्जा जनशक्ति एप) पर जून महीने में एक भी बार हाजिरी न लगाने वाले जिले के 158 बिजली कर्मियों और अफसरों का वेतन रोक दिया गया है। इससे कर्मियों ने आक्रोश फैल गया।
यह कार्रवाई पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) के निर्देश पर की गई है। इस कार्रवाई से प्रयागराज मंडल जोन-टू से आने वाले जिलों में कुल 3,570 कर्मियों का वेतन रोका गया है। इसमें जिले के 158 कर्मचारी (एक्सईएन, एसडीओ, जेई, टीजीटू) भी शामिल हैं।
उधर, एसडीओ दीपक सिंह, जेई महेश चंद्र, जेई जीतेंद्र मौर्य, कार्यकारी सहायक लक्ष्मी नारायण साहू, संदीप परासर ने बताया कि शासन से हम लोगों को एप से जुड़ने के लिए शासन से न सिम प्राप्त हुआ है और न ही मोबाइल मिला है। वह फील्ड में रहकर काम कर रहे हैं।
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उन्हें कार्यालय जाकर अटेंडेंस लगाने में तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दिन-रात बिजली आपूर्ति को सुचारु रखने में जुटे रहने के बाद उनके वेतन पर रोक लगा दी गई, जो अनुचित है। यह सब बिजली निजीकरण के विरोध कारण किया जा रहा है।
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यह कार्रवाई पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) के निर्देश पर की गई है। इस कार्रवाई से प्रयागराज मंडल जोन-टू से आने वाले जिलों में कुल 3,570 कर्मियों का वेतन रोका गया है। इसमें जिले के 158 कर्मचारी (एक्सईएन, एसडीओ, जेई, टीजीटू) भी शामिल हैं।
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उधर, एसडीओ दीपक सिंह, जेई महेश चंद्र, जेई जीतेंद्र मौर्य, कार्यकारी सहायक लक्ष्मी नारायण साहू, संदीप परासर ने बताया कि शासन से हम लोगों को एप से जुड़ने के लिए शासन से न सिम प्राप्त हुआ है और न ही मोबाइल मिला है। वह फील्ड में रहकर काम कर रहे हैं।
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उन्हें कार्यालय जाकर अटेंडेंस लगाने में तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दिन-रात बिजली आपूर्ति को सुचारु रखने में जुटे रहने के बाद उनके वेतन पर रोक लगा दी गई, जो अनुचित है। यह सब बिजली निजीकरण के विरोध कारण किया जा रहा है।