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Fatehpur News: लापरवाही पर 30 गांवों के सचिवों का वेतन रोका
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हसवा। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्रराज सिंह ने 30 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। निर्धारित तिथि 15 नवंबर तक कार्यालय में आवश्यक अभिलेख जमा न करने पर यह कार्रवाई की गई है।
योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया जाना है। ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों की पत्रावलियां तैयार कर आवेदन भेजे गए थे।
जिले के अमौली, देवमई, असोथर, बहुआ, हसवा और खजुआ ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। सत्यापन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नामित किया गया था। सचिवों को सभी दस्तावेज निर्धारित समय से डीपीआरओ कार्यालय में प्रस्तुत करने थे लेकिन 30 सचिव यह पत्रावलियां जमा करने में विफल रहे।
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डीपीआरओ ने निर्देश दिया है कि संबंधित सचिव एक सप्ताह के भीतर आवश्यक अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध कराएं। अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सत्यापन में नामित अधिकारी
सत्यापन कार्य के लिए जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, परियोजना निदेश डीआरडीए, बेसिक शिक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि प्रसार, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, जिला प्रोबेशन अधिकारी, श्रम रोजगार एवं समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को नामित किया गया है।
पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के चयन के लिए अनेक दस्तावेज आवश्यक हैं। 30 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं की हैं। इसलिए उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका गया है।
- उपेंद्रराज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया जाना है। ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों की पत्रावलियां तैयार कर आवेदन भेजे गए थे।
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जिले के अमौली, देवमई, असोथर, बहुआ, हसवा और खजुआ ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। सत्यापन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नामित किया गया था। सचिवों को सभी दस्तावेज निर्धारित समय से डीपीआरओ कार्यालय में प्रस्तुत करने थे लेकिन 30 सचिव यह पत्रावलियां जमा करने में विफल रहे।
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डीपीआरओ ने निर्देश दिया है कि संबंधित सचिव एक सप्ताह के भीतर आवश्यक अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध कराएं। अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्यापन में नामित अधिकारी
सत्यापन कार्य के लिए जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, परियोजना निदेश डीआरडीए, बेसिक शिक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि प्रसार, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, जिला प्रोबेशन अधिकारी, श्रम रोजगार एवं समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को नामित किया गया है।
पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के चयन के लिए अनेक दस्तावेज आवश्यक हैं। 30 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं की हैं। इसलिए उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका गया है।
- उपेंद्रराज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।