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Fatehpur News: मियाद पूरी करने के बाद भी दौड़ रहीं रोडवेज बसें
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फतेहपुर। हादसों के बाद भी डिपो से अपनी मियाद पूरी कर चुकीं रोडवेज बसें सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। इनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। बड़े रूटों से प्रतिबंधित की जा चुकी दस बसाें को लोकल रूटों पर संचालन किया जा रहा है।
इन बसों में इंजन, गियर बक्सा, ब्रेक व क्लेचों से कवर हट गए है, और भी इनमें कोई न कोई कमी है। यह बसें अपनी मियाद 11 साल से एक साल अधिक 12 साल से अधिक का समय भी पूरा कर चुकी है। संचालन में रोक नहीं लगाया गया है। परिवहन निगम के पास बसों की कमी के कारण अनुबंधित बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
डिपो के पास कुल 117 बसों का बेड़ा है। इसमें 27 बसें रोडवेज और अनुबंधित हैं। इन बसों का संचालन कानपुर, प्रयागराज, बांदा, लखनऊ, मुसानगर, जहानाबाद, आदि रूटों पर किया जाता है।। इसमें परिवहन निगम की दस बसें ऐसी हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। यह बसें 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं।
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मानक के अनुसार यह बसें प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। लेकिन निगम के पास अपनी बसों की कमी होने के कारण खटारा बसें रोडवेज में शामिल करनी पड़ रही है। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है। चालक-परिचालक को भी हमेशा डर सताता रहता है कि बस कहीं सड़क पर ही न खड़ी हो जाए। इस बात की जानकारी परिवहन विभाग को होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है।
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इन बसों में इंजन, गियर बक्सा, ब्रेक व क्लेचों से कवर हट गए है, और भी इनमें कोई न कोई कमी है। यह बसें अपनी मियाद 11 साल से एक साल अधिक 12 साल से अधिक का समय भी पूरा कर चुकी है। संचालन में रोक नहीं लगाया गया है। परिवहन निगम के पास बसों की कमी के कारण अनुबंधित बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
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डिपो के पास कुल 117 बसों का बेड़ा है। इसमें 27 बसें रोडवेज और अनुबंधित हैं। इन बसों का संचालन कानपुर, प्रयागराज, बांदा, लखनऊ, मुसानगर, जहानाबाद, आदि रूटों पर किया जाता है।। इसमें परिवहन निगम की दस बसें ऐसी हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। यह बसें 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं।
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मानक के अनुसार यह बसें प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। लेकिन निगम के पास अपनी बसों की कमी होने के कारण खटारा बसें रोडवेज में शामिल करनी पड़ रही है। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है। चालक-परिचालक को भी हमेशा डर सताता रहता है कि बस कहीं सड़क पर ही न खड़ी हो जाए। इस बात की जानकारी परिवहन विभाग को होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है।