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नोन नदी में मिले दो दर्जन कुंडों के अवशेष
fatehpur
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमौली।
नोन नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम जोर पकड़ रही है। रविवार को स्वामी विज्ञानानंद के नेतृत्व में कई गांवों में पदयात्रा की गई।
रविवार को पदयात्रा गौरी गांव से शुरू हुई, जो औंरा निष्ठी, सिकंदरपुर, सरहनखुर्द, भगलापुर, इटरा से कंजरा पहुंची। इस दौरान स्वामी विज्ञानानंद ने नुक्कड़ सभाएं कर ग्रामीणों से नदी के पुनर्जीवन पर चर्चा की। लोगों ने बताया कि नदी सूखने से नील गाय, पशु पक्षी गर्मी में मर जाते हैं। साथ ही सिंचाई भी प्रभावित हैं। पदयात्रा के दौरान बीच-बीच में करीब दो दर्जन कुंडों के अवशेष भी मिले। स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि कुंड को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि इनसे भूगर्भीय जल बना रहता था। बारिश में इन्ही कुंडों से भूगर्भ जलस्तर बढ़ता था। इससे गर्मी के दिनों में भी लोगों को पानी मिलता रहता था। इस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे यहां सिल्ट जम गई और रिचार्ज करने की क्षमता कुंडों में खत्म हो गई। कुंडों को साफ सफाई कर उनके स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाए तो बारिश के मौसम में जमीन की रीचार्ज क्षमता बढ़ जाएगी।
उन्होंने बताया कि यात्रा उद्गम स्थल कानपुर देहात जिले के गजनेर के गढ़ौला मऊ पर समाप्त होगी। गौरी गांव के इसरार ने बताया कि यहां करिया कुंड के नाम से एक कुंड था, जिसमें गर्मियों में भी 25 से 30 फीट पानी भरा रहता था। पूर्व प्रधान सरहन रघुवीर ने बताया कि गौरी से भगलापुर के बीच कैथन कुंड, रोजरा कुंड, म्यैरा कुंड हैं, जो सूखे हैं। प्रधान अरविंद सिंह सिकंदरपुर, भगलापुर के बैजनाथ निषाद, सरहन खुर्द के सेवा लाल पाल, मवई धाम के स्वामी सिद्ध स्वरूप, अरविंद सिंह प्रधान सिकंदरपुर, रामशंकर, दयाराम द्विवेदी भी मौजूद रहे।
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नोन नदी के 19 चेकडैम ध्वस्त
अमौली। करीब सात साल पहले लाखों रुपये से बनाए गए चेकडैम ध्वस्त हो गए हैं। इस कारण जल संचयन का काम नहीं हो पा रहा है। अमौली ब्लाक में नोन नदी में रिठवां से लेकर भरसा तक 19 चेकडैम बने थे। प्रत्येक चेकडैम की कीमत 39 लाख रुपये थी। शासन की मंशा थी कि इन चेकडैम में पानी रुकेगा और ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा, लेकिन सरकार की मंशा पर पानी फिर गया। इनमें धीरे-धीरे सिल्ट जमा होने लगी। देखरेख के अभाव में चेकडैम ध्वस्त हो गए। अब यहां लोग खेती करने लगे है, जिससे नदी का अस्तित्व खत्म हो गया।
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