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धर्मांतरण मामला: हसवा और अंदौली के मदरसों पर एटीएस की नजर, कई सफेदपोश भी शामिल
Fri, 25 Jun 2021 11:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:37 PM IST
सार
एटीएस लगातार सभी मदरसों में हो रही फंडिंग की भी जानकारी जुटा रही है। जानकारी के अनुसार उमर के संपर्क में जिले में कई लोग थे। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं।
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डॉ. मोहम्मद उमर गौतम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटीएस की नजर फतेहपुर जिले के हसवा और अंदौली के मदरसों पर टिक गई है। पता चला है कि मोहम्मद उमर का इन मदरसों से गहरा नाता है और वह यहां फंडिंग भी कर रहा था। उधर, एसपी सतपाल अंतिल के साथ एटीएस टीम पंथुआ गांव के अलावा कुछ और भी गांवों में पहुंची और यहां के लोगों से जानकारी जुटाई।
एलआईयू भी अपने स्तर से तहकीकात में जुटी है। शुक्रवार को उसने पांच घंटे तक खोजबीन की। उमर गौतम का अक्सर जिले के मदरसों में आना-जाना था। उसके साथ कई लोग रहते थे। एटीएस हसवा और अंदौली के मदरसों में गहनता से जांच कर रही है।
एटीएस लगातार सभी मदरसों में हो रही फंडिंग की भी जानकारी जुटा रही है। जानकारी के अनुसार उमर के संपर्क में जिले में कई लोग थे। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। जिले के कुछ कथित समाजसेवियों के भी उमर से जुड़े होने की जानकारी मिल रही है।
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एटीएस बहुत जल्द मामले की तह तक पहुंच सकती है। उधर, एलआईयू की टीम पंथुआ गांव में उमर के चचेरे भाई राजू सिंह से मिली। इसके बाद बंटाई पर खेती लेने वाले रजोल मौर्य के घर गई। जहां पर रजोल से मुलाकात नहीं हो सकी। एलआईयू ने उसकी पत्नी से जानकारी ली।
पत्नी ने बताया कि एक साल पहले ही उन लोगों ने उमर के खेत बंटाई पर लिए हैं। इससे पहले गांव के ही डीजल उर्फ छोटकू ने खेत बंटाई पर ले रखे थे। इसकी सारी देखरेख उमर का बड़ा भाई करता है। उमर ने कभी खेत व उससे मिलने वाले अनाज के बारे में जानकारी नहीं ली।
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एलआईयू भी अपने स्तर से तहकीकात में जुटी है। शुक्रवार को उसने पांच घंटे तक खोजबीन की। उमर गौतम का अक्सर जिले के मदरसों में आना-जाना था। उसके साथ कई लोग रहते थे। एटीएस हसवा और अंदौली के मदरसों में गहनता से जांच कर रही है।
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एटीएस लगातार सभी मदरसों में हो रही फंडिंग की भी जानकारी जुटा रही है। जानकारी के अनुसार उमर के संपर्क में जिले में कई लोग थे। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। जिले के कुछ कथित समाजसेवियों के भी उमर से जुड़े होने की जानकारी मिल रही है।
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एटीएस बहुत जल्द मामले की तह तक पहुंच सकती है। उधर, एलआईयू की टीम पंथुआ गांव में उमर के चचेरे भाई राजू सिंह से मिली। इसके बाद बंटाई पर खेती लेने वाले रजोल मौर्य के घर गई। जहां पर रजोल से मुलाकात नहीं हो सकी। एलआईयू ने उसकी पत्नी से जानकारी ली।
पत्नी ने बताया कि एक साल पहले ही उन लोगों ने उमर के खेत बंटाई पर लिए हैं। इससे पहले गांव के ही डीजल उर्फ छोटकू ने खेत बंटाई पर ले रखे थे। इसकी सारी देखरेख उमर का बड़ा भाई करता है। उमर ने कभी खेत व उससे मिलने वाले अनाज के बारे में जानकारी नहीं ली।
लोकल स्तर पर जानकारी ली जा रही है। कुछ मदरसों के बारे में जानकारी मिली है, जहां मोहम्मद उमर का आना जाना था। टीमें लगी हुई हैं। फंडिंग के बारे में एटीएस जानकारी कर रही है। मोहम्मद उमर से संबंध रखने वाले हर एक शख्स की निगरानी हो रही है।- नंदलाल, इंस्पेक्टर थरियांव