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Fatehpur News: दुष्कर्म पीड़िता की मौत में प्रेमी पर कसेगा शिकंजा
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फतेहपुर। चने के खेत में मिली दुष्कर्म पीड़िता की मौत के मामले में पुलिस अब उसके प्रेमी सुनील यादव पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि न होने और युवती के पहले भी आत्महत्या का प्रयास करने के कारण पुलिस का रुख ऑनर किलिंग से हटकर आत्महत्या के एंगल की ओर मुड़ गया है। फिलहाल पुलिस प्रेमी समेत अन्य लोगों से पूछताछ में जुटी है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का सुनील यादव से प्रेम प्रसंग था। पीड़िता ने 25 फरवरी को सुनील यादव और तीन अन्य लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और गर्भपात की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अगले दिन 26 फरवरी को युवती थाने से रेलवे ट्रैक पर खुदकुशी करने पहुंच गई थी। यहां आरपीएफ ने उसे बचाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
घटना के कुछ दिनों बाद दो मार्च की सुबह युवती का शव उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर चने के खेत में मिला। घटनास्थल से सल्फास की पुड़िया, पानी की बोतल और अन्य सामान बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया था।
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सूत्रों के मुताबिक जहर के सेवन के मामलों में बिसरा सुरक्षित किया जाता है और प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि युवती पहले भी आत्महत्या का कदम उठा चुकी थी। इससे प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी लेकिन अब हत्या की पुष्टि नहीं होने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस का मानना है कि रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद युवती ने प्रेमी की बेरुखी का बयान दिया था। इससे साफ होता है कि उसने प्रेमी की वजह से आत्महत्या की है।
करीब चार दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। थानाध्यक्ष हनुमान प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पुलिस प्रकरण के नतीजे तक पहुंचेगी।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का सुनील यादव से प्रेम प्रसंग था। पीड़िता ने 25 फरवरी को सुनील यादव और तीन अन्य लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और गर्भपात की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अगले दिन 26 फरवरी को युवती थाने से रेलवे ट्रैक पर खुदकुशी करने पहुंच गई थी। यहां आरपीएफ ने उसे बचाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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घटना के कुछ दिनों बाद दो मार्च की सुबह युवती का शव उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर चने के खेत में मिला। घटनास्थल से सल्फास की पुड़िया, पानी की बोतल और अन्य सामान बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया था।
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सूत्रों के मुताबिक जहर के सेवन के मामलों में बिसरा सुरक्षित किया जाता है और प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि युवती पहले भी आत्महत्या का कदम उठा चुकी थी। इससे प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी लेकिन अब हत्या की पुष्टि नहीं होने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस का मानना है कि रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद युवती ने प्रेमी की बेरुखी का बयान दिया था। इससे साफ होता है कि उसने प्रेमी की वजह से आत्महत्या की है।
करीब चार दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। थानाध्यक्ष हनुमान प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पुलिस प्रकरण के नतीजे तक पहुंचेगी।