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रामपुर प्रधान समेत 12 लोगों को पीलिया
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:17 PM IST
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जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में पीलिया पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। आमतौर पर गर्मी के मौसम में इसका कहर लोगों को अपनी चपेट में लेता है लेकिन ठंडी में भी इसके मरीज मिल रहे हैं। रामपुर प्रधान शैलेंद्र सिंह परिहार समेत 12 लोग पीलिया की चपेट में आ गए हैं।
जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ रही। फिजीशियन डा. एनके सक्सेना के कक्ष में पीलिया के कई मरीज इलाज के लिए आए। यहां पर आबूनगर के मोहम्मद हबीब, बिलंदा के विष्णु कुमार, राधानगर की सावित्री, मसवानी की रेहाना, राबिया पीलिया से ग्रसित मिलीं। इसी प्रकार दूसरे फिजीशियन डा. आरएम गुप्ता के कक्ष में अमौली के दिनेश सिंह, सनगांव निवासी सोहन आदि पीलिया से ग्रसित मिले।
डाक्टर ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस को पीलिया कहते हैं। यह रोग बहुत ही सूक्ष्म विषाणु से होता है। शुरू में जब रोग धीमी गति से व मामूली होता है तब इसके लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं, लेकिन जब यह बढ़ जाता है तो रोगी की आंखें व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं।
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वहीं, सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं हैं।
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जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ रही। फिजीशियन डा. एनके सक्सेना के कक्ष में पीलिया के कई मरीज इलाज के लिए आए। यहां पर आबूनगर के मोहम्मद हबीब, बिलंदा के विष्णु कुमार, राधानगर की सावित्री, मसवानी की रेहाना, राबिया पीलिया से ग्रसित मिलीं। इसी प्रकार दूसरे फिजीशियन डा. आरएम गुप्ता के कक्ष में अमौली के दिनेश सिंह, सनगांव निवासी सोहन आदि पीलिया से ग्रसित मिले।
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डाक्टर ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस को पीलिया कहते हैं। यह रोग बहुत ही सूक्ष्म विषाणु से होता है। शुरू में जब रोग धीमी गति से व मामूली होता है तब इसके लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं, लेकिन जब यह बढ़ जाता है तो रोगी की आंखें व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं।
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वहीं, सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं हैं।