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Fatehpur News: बारिश और नाले का पानी किसानों के लिए अभिशाप
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फोटो-05- खेतों में पानी भरने से डूबी फसल। संवाद
हसवा। लगातार बारिश से सदर विधानसभा के आठ गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मलवां क्षेत्र से आने वाला नाला किसानों के लिए अभिशाप बन गया है। नाले का पानी खेतों में भरने से करीब 20 हजार बीघे फसल जलमग्न हो गई है। करीब 40 गांवों का पानी नाले से गुजरता है।बारिश का पानी खेतों में कई दिन से भरा है, जिससे फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
मदारीपुर कला, एकारी, चकमुगल, चकबरारी, बिलंदा, मोहनपुर, अतरहा, टीसी, शहजादेपुर समेत आसपास के गांवों के किसानों की फसल पानी में डूब गई हैं। किसानों ने हजारों खर्च कर धान के साथ अन्य फसलें बोई हैं। अब खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पानी नहीं निकलने से पूरी मेहनत और लागत बर्बाद हो जाएगी।
ज्ञात हो कि करीब 40 गांवों के बारिश का पानी इसी नाले के रास्ते इन क्षेत्रों में आता है। आगे जलनिकासी ठीक नहीं होने से खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। मिचकी गांव के पास बने बांध के कारण पानी आगे न बढ़कर आसपास के खेतों में फैल जाता है। जिससे हर वर्ष हजारों बीघा फसल जलमग्न हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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आरोप है कि प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, इसके बावजूद नाले की सफाई और पानी निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इस बार अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान और अधिक बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था कराने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एसडीएम सदर पिनाकपाणि द्विवेदी ने कहा कि बारिश से खेतों में जलभराव हुआ है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। बारिश थमने के बाद स्थायी समाधान निकाला जाएगा। -
पूर्व विधायक सदर विक्रम सिंह ने कहा कि अत्यधिक बारिश से फसलें बर्बाद हुई हैं। डीएम को मामले से अवगत कराया जाएगा। किसानों को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। नाले की समस्या के स्थायी समाधान का प्रयास होगा।
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मदारीपुर कला, एकारी, चकमुगल, चकबरारी, बिलंदा, मोहनपुर, अतरहा, टीसी, शहजादेपुर समेत आसपास के गांवों के किसानों की फसल पानी में डूब गई हैं। किसानों ने हजारों खर्च कर धान के साथ अन्य फसलें बोई हैं। अब खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पानी नहीं निकलने से पूरी मेहनत और लागत बर्बाद हो जाएगी।
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ज्ञात हो कि करीब 40 गांवों के बारिश का पानी इसी नाले के रास्ते इन क्षेत्रों में आता है। आगे जलनिकासी ठीक नहीं होने से खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। मिचकी गांव के पास बने बांध के कारण पानी आगे न बढ़कर आसपास के खेतों में फैल जाता है। जिससे हर वर्ष हजारों बीघा फसल जलमग्न हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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आरोप है कि प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, इसके बावजूद नाले की सफाई और पानी निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इस बार अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान और अधिक बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था कराने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एसडीएम सदर पिनाकपाणि द्विवेदी ने कहा कि बारिश से खेतों में जलभराव हुआ है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। बारिश थमने के बाद स्थायी समाधान निकाला जाएगा। -
पूर्व विधायक सदर विक्रम सिंह ने कहा कि अत्यधिक बारिश से फसलें बर्बाद हुई हैं। डीएम को मामले से अवगत कराया जाएगा। किसानों को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। नाले की समस्या के स्थायी समाधान का प्रयास होगा।

फोटो-05- खेतों में पानी भरने से डूबी फसल। संवाद