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प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को पुलिस ने रोका
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:15 AM IST
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ट्रैक्टर ट्राली पलटने से मरे चार मजदूरों के शव को
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डीएम आवास के सामने रखकर जाम लगाने की कोशिश पुलिस ने विफल कर दी। पुलिस ने
पोस्टमार्टम से डीएम आवास को कूंच कर रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में
ही रोक लिया। एसडीएम व सीओ सिटी ने प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को ठेकेदार
पर रिपोर्ट दर्ज करने और मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर शांत किया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद चारों मजदूरों के शवों को लेकर ग्रामीण डीएम आवास के सामने प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसकी खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन सजग हो गया और कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया।
एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीओ सिटी वंदना सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने हादसे के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार बताया।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर ठेकेदार ने ओवरलोड खंभे न लदवाए होते तो हादसा नहीं होता। दुर्घटना के बाद से ठेकेदार लापता है। इसलिए ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। सीओ ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया।
वहीं मृतकों के परिजनों को बिजली विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने जाने की मांग पर अधिकारियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि बिंदकी कोतवाली के दरवेशाबाद में बिजली विभाग के खंभे लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली शनिवार को पलट गई थी।
हादसे में अमौरा गांव के मजदूर पप्पू पासवान, रजोले उर्फ राम सिंह, मंटोले उर्फ दिनेश, अनिल की ट्राली के नीचे दबकर मौत हो गई।
अमौरा गांव में चार युवकों की मौत से मातम का माहौल रहा। गांव के किसी भी घर में चूल्हे नहीं जले। जान गंवाने वाले छोटे से गांव में हर किसी के रिश्तेदार और परिवार के लोग रहते हैं।
बसपा विधायक सुखदेव वर्मा भी गांव में पहुंचेे। साथ ही क्षेत्रीय नेताओं का भी जमघट लगा रहा।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद चारों मजदूरों के शवों को लेकर ग्रामीण डीएम आवास के सामने प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसकी खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन सजग हो गया और कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया।
एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीओ सिटी वंदना सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने हादसे के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार बताया।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर ठेकेदार ने ओवरलोड खंभे न लदवाए होते तो हादसा नहीं होता। दुर्घटना के बाद से ठेकेदार लापता है। इसलिए ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। सीओ ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया।
वहीं मृतकों के परिजनों को बिजली विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने जाने की मांग पर अधिकारियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि बिंदकी कोतवाली के दरवेशाबाद में बिजली विभाग के खंभे लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली शनिवार को पलट गई थी।
हादसे में अमौरा गांव के मजदूर पप्पू पासवान, रजोले उर्फ राम सिंह, मंटोले उर्फ दिनेश, अनिल की ट्राली के नीचे दबकर मौत हो गई।
अमौरा गांव में चार युवकों की मौत से मातम का माहौल रहा। गांव के किसी भी घर में चूल्हे नहीं जले। जान गंवाने वाले छोटे से गांव में हर किसी के रिश्तेदार और परिवार के लोग रहते हैं।
बसपा विधायक सुखदेव वर्मा भी गांव में पहुंचेे। साथ ही क्षेत्रीय नेताओं का भी जमघट लगा रहा।