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रोस्टर धड़ाम, ग्रामीणों को परेशान कर रही बिजली कटौती
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विजयीपुर। ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे की बिजली आपूर्ति का दावा गलत साबित हो रहा है। किशनपुर बिजली उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में जर्जर तारों के कारण 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
उस पर भी लो-वोल्टेज और फाल्ट की समस्या बनीं रहती है। इससे ग्रामीण इलाके के उपभोक्ता परेशान है।
किशनपुर में 33 केवीए बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत करीब 95 गांव आते हैं।
गांवों के बीच जर्जर तारों की वजह से रोजाना कहीं न कहीं पर फाल्ट होता है और बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे में कर्मचारियों के पहुंचने और मरम्मत के बीच कई घंटे लग जाते हैं।
क्षेत्र के रहने वाले मोनू सिंह, अजय सिंह, अवधेश तिवारी, राकेश मौर्या, मुरली मौर्य, संदीप सिंह ने बताया कि रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
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विभाग के अधिकारी तारों को बदलने के बजाय कामचलाऊ व्यवस्था बनाए रखने पर अधिक जोर देते हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में 10 घंटे से कम तो कुछ में पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
वहीं किशनपुर उपकेंद्र के जेई प्रमोद कुमार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 16 घंटे बिजली दी जा रही है। फाल्ट व ब्रेक डाउन होता है तो उसकी मरम्मत तक आपूर्ति बंद रखी जाती है।
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उस पर भी लो-वोल्टेज और फाल्ट की समस्या बनीं रहती है। इससे ग्रामीण इलाके के उपभोक्ता परेशान है।
किशनपुर में 33 केवीए बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत करीब 95 गांव आते हैं।
गांवों के बीच जर्जर तारों की वजह से रोजाना कहीं न कहीं पर फाल्ट होता है और बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे में कर्मचारियों के पहुंचने और मरम्मत के बीच कई घंटे लग जाते हैं।
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क्षेत्र के रहने वाले मोनू सिंह, अजय सिंह, अवधेश तिवारी, राकेश मौर्या, मुरली मौर्य, संदीप सिंह ने बताया कि रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
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विभाग के अधिकारी तारों को बदलने के बजाय कामचलाऊ व्यवस्था बनाए रखने पर अधिक जोर देते हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में 10 घंटे से कम तो कुछ में पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
वहीं किशनपुर उपकेंद्र के जेई प्रमोद कुमार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 16 घंटे बिजली दी जा रही है। फाल्ट व ब्रेक डाउन होता है तो उसकी मरम्मत तक आपूर्ति बंद रखी जाती है।