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जलस्तर कम होने के बाद सिर्फ दिख रही बर्बादी
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परसेढा में बाढ़ से क्षतिग्रस्त कमला देवी का घर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। जलस्तर कम हुआ तो बाढ़ की बर्बादी दिखाई देने लगी। पक्के मार्ग कीचड़ में बदल गए हैं। कीचड़ युक्त रास्ते से लोग निकलने को मजबूर हैं।
अभी तक दलदल बने रास्तों की सफाई में सिर्फ किशनपुर कस्बे में ही सिल्ट हटाने का काम शुरू किया गया है। लोगों का कहना है कि केंद्रीय राज्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर नगर पंचायत ने सफाई कर्मियों की टीम लगाकर एक वार्ड की सफाई कराई गई है।
वहीं बाढ़ के पानी से लोगों की गृहस्थी बर्बाद हो गई।
दो दिन से यमुना का पानी कम होने के बाद लोग घर तो पहुंच गए हैं, लेकिन उनके सामने कई परेशानियां हैं। किशनपुर, असहट, पलटूपुर, उरौली, दसौली समेत कई गांवों में बिजली न होने से लोग अंधेरे में रात गुजार रहे हैं। गांवों में जहरीले कीड़ों का खतरा बढ़ गया है।
हैंडपंप व सबमर्सिबल से गंदा पानी निकल रहा है। पीड़ित लोग बिजली व पानी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं।
किशनपुर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे से तीन मीटर कम होने के बाद थाना मार्ग, असहट मार्ग पर कीचड़ में बदल गए हैं। लोगों का पैदल निकलना काफी मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत ने सफाई कर्मियों की टीम भेज कर साफ कराया।
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गंदगी को समेटकर सड़क किनारे लगा दिया गया है। फिलहाल लोगों का आवागमन शुरू हो गया। इसी तरह से वार्ड नंबर चार व छह के सामुदायिक शौचालय डूब गए थे। अब दिखने लगे हैं, लेकिन कीचड़ के चलते लोगों को वहां तक जाना मुश्किल हो रहा है।
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अभी तक दलदल बने रास्तों की सफाई में सिर्फ किशनपुर कस्बे में ही सिल्ट हटाने का काम शुरू किया गया है। लोगों का कहना है कि केंद्रीय राज्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर नगर पंचायत ने सफाई कर्मियों की टीम लगाकर एक वार्ड की सफाई कराई गई है।
वहीं बाढ़ के पानी से लोगों की गृहस्थी बर्बाद हो गई।
दो दिन से यमुना का पानी कम होने के बाद लोग घर तो पहुंच गए हैं, लेकिन उनके सामने कई परेशानियां हैं। किशनपुर, असहट, पलटूपुर, उरौली, दसौली समेत कई गांवों में बिजली न होने से लोग अंधेरे में रात गुजार रहे हैं। गांवों में जहरीले कीड़ों का खतरा बढ़ गया है।
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हैंडपंप व सबमर्सिबल से गंदा पानी निकल रहा है। पीड़ित लोग बिजली व पानी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं।
किशनपुर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे से तीन मीटर कम होने के बाद थाना मार्ग, असहट मार्ग पर कीचड़ में बदल गए हैं। लोगों का पैदल निकलना काफी मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत ने सफाई कर्मियों की टीम भेज कर साफ कराया।
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गंदगी को समेटकर सड़क किनारे लगा दिया गया है। फिलहाल लोगों का आवागमन शुरू हो गया। इसी तरह से वार्ड नंबर चार व छह के सामुदायिक शौचालय डूब गए थे। अब दिखने लगे हैं, लेकिन कीचड़ के चलते लोगों को वहां तक जाना मुश्किल हो रहा है।