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तालाब से पुलिस प्रशासन ने नींव खुदवा कर कब्जा हटवाया
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फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के हाजीपुर छीटा गांव में तालाब की जमीन से पुलिस प्रशासन ने 25 साल बाद कब्जा हटवाया। इसका मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था।
कोर्ट का 20 नवंबर को फैसला आने के बाद राजस्व और पुलिस टीम ने मौके पर लोगों के कब्जे से जमीन को मुक्त कराया है।
राजस्व निरीक्षक रमेश पटेल ने बताया 2 साल पहले तत्कालीन डीएम अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर तालाबी नंबरों की जांच की गई थी। जांच में हाजीपुर छीटा गांव का तालाबी नंबर मिला था।
यहां 5 लोगों के प्लाट कटे हुए थे और उन प्लाटों पर नींव भरी हुई थी। जमीन की जांच में सामने आया कि फर्जी तरीके से किशनपुर थाना क्षेत्र के जी हरवा निवासी जिहरवा गांव के हीरालाल, सोहन लाल, मुरारी लाल, बसंत लाल और मोहम्मद शफीक निवासी जैदून ने तालाब नंबर को खतौनी में फर्जीवाड़ा कर अंकित करा दिया था।
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मामले में 20 नवंबर को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर दोबारा जमीन तालाब में दर्ज हुई। आदेश पर रविवार को राजस्व और पुलिस की टीम हाजीपुर पहुंची, जहां 5 लोगों के प्लाटों की नींव भरी हुई थी।
कब्जा मुक्त कराया गया। राजस्व निरीक्षक रमेश पटेल ने बताया जमीन को करीब 25 साल पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों ने कब्जा किया था।
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कोर्ट का 20 नवंबर को फैसला आने के बाद राजस्व और पुलिस टीम ने मौके पर लोगों के कब्जे से जमीन को मुक्त कराया है।
राजस्व निरीक्षक रमेश पटेल ने बताया 2 साल पहले तत्कालीन डीएम अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर तालाबी नंबरों की जांच की गई थी। जांच में हाजीपुर छीटा गांव का तालाबी नंबर मिला था।
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यहां 5 लोगों के प्लाट कटे हुए थे और उन प्लाटों पर नींव भरी हुई थी। जमीन की जांच में सामने आया कि फर्जी तरीके से किशनपुर थाना क्षेत्र के जी हरवा निवासी जिहरवा गांव के हीरालाल, सोहन लाल, मुरारी लाल, बसंत लाल और मोहम्मद शफीक निवासी जैदून ने तालाब नंबर को खतौनी में फर्जीवाड़ा कर अंकित करा दिया था।
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मामले में 20 नवंबर को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर दोबारा जमीन तालाब में दर्ज हुई। आदेश पर रविवार को राजस्व और पुलिस की टीम हाजीपुर पहुंची, जहां 5 लोगों के प्लाटों की नींव भरी हुई थी।
कब्जा मुक्त कराया गया। राजस्व निरीक्षक रमेश पटेल ने बताया जमीन को करीब 25 साल पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों ने कब्जा किया था।