फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   phone,avaas,serve

प्रयोग में नहीं लेकिन आज भी अमीरी के परिचायक हैं लैंडलाइन फोन

Thu, 30 Jun 2022 12:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 12:54 AM IST
विज्ञापन
phone,avaas,serve
फतेहपुर। लैंडलाइन फोन भले ही गुजरे जमाने की बात हो गए हों, लेकिन इनका खामियाजा पीएम आवास के जरूरतमंदों को अभी भी भुगतना पड़ रहा है। कारण साफ है, लैंडलाइन फोन आज भी अमीरी के परिचायक हैं और इसी का फायदा उठाते हुए आवास के लिए सर्वे कर रहे सचिवों ने आठ हजार पात्रों को आवास की सूची से बाहर कर दिया है।
विज्ञापन

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में दर्शाया कि आठ हजार ऐसे लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया है, जिनके घरों में लैंडलाइन फोन मौजूद है। हैरत की बात तो यह है कि सर्वे रिपोर्ट आठ हजार फोन की दिखा रही है, जबकि बीएसएनएल अधिकारियों का कहना है कि पूरे जनपद में लैंडलाइन के सिर्फ 217 कनेक्शन ही चल रहे हैं। इनमें घरों के अलावा सरकारी दफ्तरों में लगे कनेक्शन भी शामिल हैं। प्रस्तुत है, पड़ताल करती रिपोर्ट
विज्ञापन

धाता ब्लॉक की सुखदेई देवी ने बताया कि उसका नाम पीएम आवास की पात्रता सूची में था लेकिन जब गांव में अन्य लोगों के आवास बन गए और उसका नंबर नहीं आया तो उसने ब्लॉक कार्यालय में जाकर जानकारी की। पता चला कि सर्वे रिपोर्ट में उनके घर पर लैंडलाइन फोन लगा होना दिखाकर उनका नाम पात्रता सूची से हटवा दिया गया है। हकीकत यह है कि घर पर कभी लैंडलाइन फोन था ही नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

देवमई ब्लॉक के रामलाल निषाद ने बताया कि बारिश में उनके घर की छत टपक रही है। परिवार के पास सिर छिपाने की जगह नहीं है। बड़ी आस थी कि पीएम आवास मिलेगा तो दिक्कतें दूर होंगी। क्या पता था कि लैंडलाइन फोन का कनेक्शन दिखाकर उन्हें आवास के लिए अपात्र दर्शा दिया जाएगा। अब ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं। पता नहीं आवास मिलेगा या नहीं।
ऐरायां 76
अमौली 1338
असोथर 871
बहुआ 389
भिटौरा 216
देवमई 534
धाता 1369
हसवां 1
हथगाम 1171
खजुहा 1521
मलवां 334
तेलियानी 43
विजयीपुर 142
----------------------------------------
कुलयोग - 8005
--------------------------------
कुछ लोगों के नाम लिपिकीय त्रुटि से बाहर हुए हैं और कुछ लोगों ने आवेदन करते समय मोबाइल फोन को ही लैंडलाइन समझकर उनके विकल्प में सहमति जता दी होगी। जिससे आवेदन फार्म में यह मान लिया गया कि संबंधित आवेदक के घर में लैंडलाइन है।

हालांकि इस सारी स्थिति से शासन को अवगत कराया गया है। केंद्र से वेबसाइट खुलने पर ही ऐसे लोगों के आवेदनों का दुरुस्त कर उनके नामों को शामिल किया जा सकेगा। इसमें जनपद स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता।
- एम.पी.चौबे, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed