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Fatehpur News: हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग पर नहीं लग पा रही रोक
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फतेहपुर। हाईवे व उसके किनारे खड़े ट्रक व डंपर से वाहनों के भिड़ने से हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान भी जा रही है। इसके बाद भी एनएचएआई के जिम्मेदार यातायात सुगम करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जबकि डीएम रविंद्र सिंह ने हाईवे पर खड़े वाहनों को हटाने का निर्देश दिया था।
जिले के भीतर 80 किमी कानपुर से प्रयागराज के बीच नेशनल हाईवे पर सफर करना हादसों का सबब बन गया है। पिछले एक सप्ताह में हालात यह हो गए कि एक-एक दिन में 40 से अधिक हादसे हो रहे हैं। इसमें कई घटनाएं वाहनों के हाईवे पर खड़े होने से हुईं। इसके बाद भी ट्रकों का हाईवे पर खड़ा होना रुक नहीं रहा है।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर बड़ी तादाद में वाहनों का आवागमन रहता है। महाकुंभ ये दबाव तीन से चार गुना अधिक हो गया है। हाईवे पर रफ्तार सीमा 80 से 100 के बीच है। वहीं, ट्रक व डंपर चालक हाईवे किनारे वाहनों को घंटों खड़ा कर देते हैं। डायवर्जन की वजह से वाहन दिन रात खड़े रहते हैं। प्रतिदिन औंग से खागा तक सैकड़ों की संख्या में हाईवे किनारे ट्रक व डंपर खड़े हो रहे हैं। इससे हादसे बढ़ रहे हैं।
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सीन-1-
फोटो-33-नउवाबाग के पास हाईवे किनारे कतार से खड़े वाहन
कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे स्थित नउवाबाग के पास ट्रक और डंपर की लंबी कतार लगी रहती है। होटलों में पार्किंग की जगह नहीं होने से हाईवे किनारे ही वाहन खड़े किए जाते हैं। वहीं लखनऊ बाईपास से डायवर्जन होने के चलते वाहनों ने आगे जाना ही बंद कर दिया है। वे पूरे हाईवे पर वाहन खड़ा करके डायवर्जन खुलने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में वाहनों से हादसे का खतरा बना हुआ है।
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सीन-2
फोटो-34-आरटीओ कार्यालय की सर्विस लेन में वाहनों की कतार से छोटे वाहन तक नहीं निकल पाते। संवाद
शहर के आरटीओ कार्यालय के सामने छोटे वाहनों के जाने के लिए सर्विस लेन बनी है। इसमें भी भारी वाहन खड़े कर दिए गए हैं। इससे सर्विस लेन ही पूरी तरह बंद हो गई। दो पहिया व पैदल यात्री भी मजबूरी बस हाईवे से निकलते हैं। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इसके बाद भी वाहनों का हाईवे से हटाया नहीं जा रहा है।
-- इनसेट--
महाकुंभ के दौरान डीएम ने दिए थे निर्देश
डीएम रविंद्र सिंह ने यातायात संबंधी बैठक करके हाईवे पर पार्क वाहनों समेत सुगम यातायात का निर्देश दिया था। उन्होंने एआरटीओ और यातायात प्रभारी को टीम बनाकर ऐसे वाहनों को हटाने व कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। दो-तीन दिन अधिकारी सड़क पर उतरे और वाहनों को हाईवे से हटवाया। इससे काफी हद तक वाहन हाईवे पर कम रुके, लेकिन कार्रवाई सुस्त पड़ते ही वाहन दोबारा खड़े होने लगे।
कोट्स
हाईवे पर खड़े वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। आगे भी अभियान चलाकर हाईवे से वाहनों को हटाया जाएगा।
- लालजी सविता, यातायात प्रभारी, फतेहपुर
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जिले के भीतर 80 किमी कानपुर से प्रयागराज के बीच नेशनल हाईवे पर सफर करना हादसों का सबब बन गया है। पिछले एक सप्ताह में हालात यह हो गए कि एक-एक दिन में 40 से अधिक हादसे हो रहे हैं। इसमें कई घटनाएं वाहनों के हाईवे पर खड़े होने से हुईं। इसके बाद भी ट्रकों का हाईवे पर खड़ा होना रुक नहीं रहा है।
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कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर बड़ी तादाद में वाहनों का आवागमन रहता है। महाकुंभ ये दबाव तीन से चार गुना अधिक हो गया है। हाईवे पर रफ्तार सीमा 80 से 100 के बीच है। वहीं, ट्रक व डंपर चालक हाईवे किनारे वाहनों को घंटों खड़ा कर देते हैं। डायवर्जन की वजह से वाहन दिन रात खड़े रहते हैं। प्रतिदिन औंग से खागा तक सैकड़ों की संख्या में हाईवे किनारे ट्रक व डंपर खड़े हो रहे हैं। इससे हादसे बढ़ रहे हैं।
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सीन-1-
फोटो-33-नउवाबाग के पास हाईवे किनारे कतार से खड़े वाहन
कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे स्थित नउवाबाग के पास ट्रक और डंपर की लंबी कतार लगी रहती है। होटलों में पार्किंग की जगह नहीं होने से हाईवे किनारे ही वाहन खड़े किए जाते हैं। वहीं लखनऊ बाईपास से डायवर्जन होने के चलते वाहनों ने आगे जाना ही बंद कर दिया है। वे पूरे हाईवे पर वाहन खड़ा करके डायवर्जन खुलने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में वाहनों से हादसे का खतरा बना हुआ है।
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सीन-2
फोटो-34-आरटीओ कार्यालय की सर्विस लेन में वाहनों की कतार से छोटे वाहन तक नहीं निकल पाते। संवाद
शहर के आरटीओ कार्यालय के सामने छोटे वाहनों के जाने के लिए सर्विस लेन बनी है। इसमें भी भारी वाहन खड़े कर दिए गए हैं। इससे सर्विस लेन ही पूरी तरह बंद हो गई। दो पहिया व पैदल यात्री भी मजबूरी बस हाईवे से निकलते हैं। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इसके बाद भी वाहनों का हाईवे से हटाया नहीं जा रहा है।
महाकुंभ के दौरान डीएम ने दिए थे निर्देश
डीएम रविंद्र सिंह ने यातायात संबंधी बैठक करके हाईवे पर पार्क वाहनों समेत सुगम यातायात का निर्देश दिया था। उन्होंने एआरटीओ और यातायात प्रभारी को टीम बनाकर ऐसे वाहनों को हटाने व कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। दो-तीन दिन अधिकारी सड़क पर उतरे और वाहनों को हाईवे से हटवाया। इससे काफी हद तक वाहन हाईवे पर कम रुके, लेकिन कार्रवाई सुस्त पड़ते ही वाहन दोबारा खड़े होने लगे।
कोट्स
हाईवे पर खड़े वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। आगे भी अभियान चलाकर हाईवे से वाहनों को हटाया जाएगा।
- लालजी सविता, यातायात प्रभारी, फतेहपुर