{"_id":"5ef252a08ebc3e42ea610ea9","slug":"other-fatehpur-news-knp5672202145","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच महीना में सर्विस लेन से तारकोल गायब, हुई ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच महीना में सर्विस लेन से तारकोल गायब, हुई ध्वस्त
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फतेहपुर। 424 करोड़ रुपये से बने बांदा-टांडा बाईपास में की गई अनियमितताएं हर कदम पर दिख रही हैं। एनएचएआई और निर्माण कराने वाली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा जिलेवासियों को भुगतना पड़ रहा है। बाईपास से शहर और जोनिहा मार्ग की ओर जाने के लिए बनाई गई एक किमी की सर्विस लेन ध्वस्त हो गई है। सर्विस लेन बनाने में गिट्टी के साथ डाला गया तारकोल का नामोनिशान नहीं बचा है।
बांदा-टांडा मार्ग को एनएचएआई की देखरेख मेें स्पेन की सेंट जोंस कंपनी ने निर्माण कराया है। 11 किमी के बाईपास में जयराम नगर से जोनिहां मार्ग पर अंडरपास पुल बनाया गया है। इस मार्ग से बाईपास में जाने और वहां से वाहनों को जोनिहां मार्ग में आने के लिए सर्विस लेन बनाई गई है। जो महज पांच महीने में वाहनों के आवागमन में ध्वस्त हो गई। बारिश के पानी को सर्विस लेन से बाहर निकालने के लिए पिचिंग का काम भी नहीं हुआ है। बारिश का पानी सर्विस लेन में भर कर निकलता है। पानी के बहाव से सर्विस लेन की पटरी में डाली गई मिट्टी बहकर आसपास के खेतों में पहुंच गई है। धीरे-धीरे सर्विस लेन का नामोनिशान खत्म होते दिखाई दे रहा है। एनएचएआई के अधिकारी निर्माण में की गई धांधली की जांच के नाम पर बाईपास से वाहनों का आवागमन बंद करा दिए हैं। तब से न तो जांच पूरी हुई और न ही खस्ताहाल बाईपास में वाहनों को शुरू कराने की जरूरत समझी। इतने बड़े प्रोजेक्ट की निगरानी भी अधिकारियों ने इमानदारी से नहीं की। यही वजह रही है कि स्पेन की सेंट जोंस कंपनी ने बाईपास के निर्माण में जमकर गड़बड़ी की। इसके अलावा दिल्ली-हावड़ा के रेलवे रूट पर बने ओवरब्रिज के निर्माण में इस कदर लापरवाही बरती कि वह शुरू होने के पांच महीना में ही क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा बाईपास की पूरी सड़क गड्ढों में बदल गई।
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इनसेट:
अंडरपास पुल के दोनों ओर बनाई गई सर्विस लेन पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इसकी जानकारी है। निर्माण के दौरान की गई अनियमितता जांच में पाई गई है। निर्माण कराने वाली संस्था से दोबारा सर्विस लेन बनवाई जाएगी। साथ ही पूरे बाईपास का निर्माण होगा। - नितिन चौधरी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, रायबरेली
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बांदा-टांडा मार्ग को एनएचएआई की देखरेख मेें स्पेन की सेंट जोंस कंपनी ने निर्माण कराया है। 11 किमी के बाईपास में जयराम नगर से जोनिहां मार्ग पर अंडरपास पुल बनाया गया है। इस मार्ग से बाईपास में जाने और वहां से वाहनों को जोनिहां मार्ग में आने के लिए सर्विस लेन बनाई गई है। जो महज पांच महीने में वाहनों के आवागमन में ध्वस्त हो गई। बारिश के पानी को सर्विस लेन से बाहर निकालने के लिए पिचिंग का काम भी नहीं हुआ है। बारिश का पानी सर्विस लेन में भर कर निकलता है। पानी के बहाव से सर्विस लेन की पटरी में डाली गई मिट्टी बहकर आसपास के खेतों में पहुंच गई है। धीरे-धीरे सर्विस लेन का नामोनिशान खत्म होते दिखाई दे रहा है। एनएचएआई के अधिकारी निर्माण में की गई धांधली की जांच के नाम पर बाईपास से वाहनों का आवागमन बंद करा दिए हैं। तब से न तो जांच पूरी हुई और न ही खस्ताहाल बाईपास में वाहनों को शुरू कराने की जरूरत समझी। इतने बड़े प्रोजेक्ट की निगरानी भी अधिकारियों ने इमानदारी से नहीं की। यही वजह रही है कि स्पेन की सेंट जोंस कंपनी ने बाईपास के निर्माण में जमकर गड़बड़ी की। इसके अलावा दिल्ली-हावड़ा के रेलवे रूट पर बने ओवरब्रिज के निर्माण में इस कदर लापरवाही बरती कि वह शुरू होने के पांच महीना में ही क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा बाईपास की पूरी सड़क गड्ढों में बदल गई।
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इनसेट:
अंडरपास पुल के दोनों ओर बनाई गई सर्विस लेन पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इसकी जानकारी है। निर्माण के दौरान की गई अनियमितता जांच में पाई गई है। निर्माण कराने वाली संस्था से दोबारा सर्विस लेन बनवाई जाएगी। साथ ही पूरे बाईपास का निर्माण होगा। - नितिन चौधरी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, रायबरेली
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