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फीस जमा न होने से चिंतित हैं सीबीएसई बोर्ड प्रधानाचार्य
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फतेहपुर। सीबीएसई सहोदरा ग्रुुप ने फीस वसूली व्यवस्था की नीति स्पष्ट करने की मांग की है। सोमवार को ग्रुप में शामिल संचालकों और प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह को तीन सूत्री ज्ञापन देकर 90 प्रतिशत अभिभावकों की फीस जमा न होने पर चिंता जताई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि लाकडाउन के दौरान तीन महीने की एकमुश्त फीस वसूली पर रोक और परिवहन शुल्क माफी के आदेश का पालन किया गया है। इसके बावजूद अभी तक अधिकांश अभिभावकों ने एक महीने की भी फीस जमा नहीं किया है। ऐसे में स्टाफ को वेतन के लाले पड़ गए हैं। स्पष्ट किया जाए कि शासन ने क्या फीस माफ कर दी है या नहीं। अगर नहीं तो फीस वसूली पर कड़ाई बरतने का अधिकार दिया जाए। यदि कोई एक महीने की फीस जमा नहीं करता है, तो ऐसी दशा में विद्यालय का दायित्व स्पष्ट किया जाए। प्राइवेट स्कूलों के अभिभावक महीनेवार फीस देने में सक्षम होते हैं। प्राइवेट स्कूल मुफ्त में शिक्षा नहीं दे सकते हैं, क्योंकि उनके सभी खर्चे फीस पर ही निर्भर होते हैं। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया जाए। इस मौके पर ग्रुप के अध्यक्ष जीपी मिश्रा, प्रमोद तिवारी समेत अन्य सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल थे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि लाकडाउन के दौरान तीन महीने की एकमुश्त फीस वसूली पर रोक और परिवहन शुल्क माफी के आदेश का पालन किया गया है। इसके बावजूद अभी तक अधिकांश अभिभावकों ने एक महीने की भी फीस जमा नहीं किया है। ऐसे में स्टाफ को वेतन के लाले पड़ गए हैं। स्पष्ट किया जाए कि शासन ने क्या फीस माफ कर दी है या नहीं। अगर नहीं तो फीस वसूली पर कड़ाई बरतने का अधिकार दिया जाए। यदि कोई एक महीने की फीस जमा नहीं करता है, तो ऐसी दशा में विद्यालय का दायित्व स्पष्ट किया जाए। प्राइवेट स्कूलों के अभिभावक महीनेवार फीस देने में सक्षम होते हैं। प्राइवेट स्कूल मुफ्त में शिक्षा नहीं दे सकते हैं, क्योंकि उनके सभी खर्चे फीस पर ही निर्भर होते हैं। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया जाए। इस मौके पर ग्रुप के अध्यक्ष जीपी मिश्रा, प्रमोद तिवारी समेत अन्य सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल थे।
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