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जिले में एक और संक्रमित मिला, संख्या हुई 45
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खागा(फतेहपुर)। जिले में गुरुवार को तीन और कोरोना संक्रमित मिला है। प्रशासन की पुष्टि के साथ ही संक्रमितों की संख्या 47 पहुंच गई है। ठीक होकर लौटने वालों की संख्या चौदह है। अब तक ग्रामीण इलाके में फैल रहे कोरोना ने अब खागा तहसील के कस्बाई इलाके मानू का पुरवा में दस्तक देकर हड़कंप मचा दिया है। यह युवक मुंबई से आया था। पुलिस ने पांच बैरियर लगाकर मोहल्ले को सील कर दिया है। सभी को अपने घरों के अंदर रहने की चेतावनी दी गई है। स्वास्थ्य टीम युवक की हिस्ट्री जांच रही है।
खागा नगर पंचायत के मानू का पुरवा का रहने वाला 26 वर्षीय युवक मुंबई में सिलाई का काम करता था। घर में उसकी पत्नी, एक बच्चा, मां, भाई व बहन रहती हैं। युवक 24 मई को जैसे ही घर पहुंचा तो परिवार ने उसे ऊपर एक कमरे में क्वारंटीन कर दिया था। 26 की सुबह सभासद ने उसे अपनी जांच कराने को कहा और नेवलापुर भेजा। तब से युवक वहीं था। गुरुवार को उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसकी खबर जैसे ही पुलिस को
लगी तो वह तुरंत मोहल्ले में पहुंची और जानकारी जुटाई। पुलिस ने जीटी रोड और हाईवे की ओर से जाने वाले मुख्य रास्ते व मोहल्ले के तीन इंट्री प्वाइंट पर कुल पांच बैरियर लगाए हैं। पुलिस ने मोहल्ले के सभी लोगों को अब घर के अंदर रहने को कहा है। इंस्पेक्टर खागा सत्येंद्र सिंह ने बताया की मोहल्ले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं और
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राशन, दूध, सब्जी आदि की आपूर्ति की जाती रहेगी। मोहल्ले में स्वास्थ्य व सफाई कर्मी के अलावा किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। युवक के परिजनों को अभी तक जांच के दायरे में नहीं लिया गया है। बता दें कि मानू का पुरवा खागा का बड़ा और सघन इलाका है। जिस मोहल्ले में केस मिला है वहां की आबादी करीब दो हजार के करीब है। यहां पर करीब डेढ़ दर्जन युवक परदेश से लौटे हैं। इसमें अधिकांश मुंबई से लौटे बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अंदर प्रवासियों को लेकर दहशत बन गई है।
गाजीपुर (फतेहपुर)। प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन युवक ने बुधवार रात घर में फांसी लगा ली। आनन-फानन में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना क्षेत्र के सरकी गांव निवासी पूसू रैदास का बेटा ऋषि (28) दिल्ली में मजदूरी करता था। वह बीस मई को गांव लौटा था। गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन था। परिजनों ने बताया वह रात को घर आया था। घर वाले उसे सेंटर पर जाने के लिए कहे थे, लेकिन वह घर पर ही रुक गया। सुबह फांसी के फंदे पर बरामदे में शव लटकता मिला। युवक ने खुद को बुखार पीड़ित होना बताया था। घटना से मां श्यामकली और पत्नी नीलम का हाल बेहाल हो गया। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि अफसरों को इसकी सूचना दे दी गई है।
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खागा नगर पंचायत के मानू का पुरवा का रहने वाला 26 वर्षीय युवक मुंबई में सिलाई का काम करता था। घर में उसकी पत्नी, एक बच्चा, मां, भाई व बहन रहती हैं। युवक 24 मई को जैसे ही घर पहुंचा तो परिवार ने उसे ऊपर एक कमरे में क्वारंटीन कर दिया था। 26 की सुबह सभासद ने उसे अपनी जांच कराने को कहा और नेवलापुर भेजा। तब से युवक वहीं था। गुरुवार को उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसकी खबर जैसे ही पुलिस को
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लगी तो वह तुरंत मोहल्ले में पहुंची और जानकारी जुटाई। पुलिस ने जीटी रोड और हाईवे की ओर से जाने वाले मुख्य रास्ते व मोहल्ले के तीन इंट्री प्वाइंट पर कुल पांच बैरियर लगाए हैं। पुलिस ने मोहल्ले के सभी लोगों को अब घर के अंदर रहने को कहा है। इंस्पेक्टर खागा सत्येंद्र सिंह ने बताया की मोहल्ले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं और
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राशन, दूध, सब्जी आदि की आपूर्ति की जाती रहेगी। मोहल्ले में स्वास्थ्य व सफाई कर्मी के अलावा किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। युवक के परिजनों को अभी तक जांच के दायरे में नहीं लिया गया है। बता दें कि मानू का पुरवा खागा का बड़ा और सघन इलाका है। जिस मोहल्ले में केस मिला है वहां की आबादी करीब दो हजार के करीब है। यहां पर करीब डेढ़ दर्जन युवक परदेश से लौटे हैं। इसमें अधिकांश मुंबई से लौटे बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अंदर प्रवासियों को लेकर दहशत बन गई है।
गाजीपुर (फतेहपुर)। प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन युवक ने बुधवार रात घर में फांसी लगा ली। आनन-फानन में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना क्षेत्र के सरकी गांव निवासी पूसू रैदास का बेटा ऋषि (28) दिल्ली में मजदूरी करता था। वह बीस मई को गांव लौटा था। गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन था। परिजनों ने बताया वह रात को घर आया था। घर वाले उसे सेंटर पर जाने के लिए कहे थे, लेकिन वह घर पर ही रुक गया। सुबह फांसी के फंदे पर बरामदे में शव लटकता मिला। युवक ने खुद को बुखार पीड़ित होना बताया था। घटना से मां श्यामकली और पत्नी नीलम का हाल बेहाल हो गया। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि अफसरों को इसकी सूचना दे दी गई है।