{"_id":"5ec6cfbd8ebc3e909d5b7ecb","slug":"other-fatehpur-news-knp5613690180","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारी भरोसे रही पहली साप्ताहिक बंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारी भरोसे रही पहली साप्ताहिक बंदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। जिले में लॉकडाउन-4 शुरू होने के बाद पहली साप्ताहिक बंदी पर भी लापरवाही का ग्रहण लगा। प्रशासन ने फतेहपुर सदर क्षेत्र व खागा में गुरुवार का दिन बंदी के लिए घोषित किया था। पर, यह पूरी बंदी व्यापारी भरोसे रही। निगरानी करने न प्रशासनिक अमला निकला और न ही पुलिस अमला। लिहाजा जिसका मन किया, जैसे मन किया उसने दुकानें संचालित कीं। कई जगह तो सोशल डिस्टेंसिंग भी दरकिनार रही।
बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। शासन लोगों की सुविधा के लिए ढील दे रहा है। पर, साथ ही अपील की जा रही है कि वह मॉस्क, हैंडवाश व सोशल डिस्टेंसिंग यह तीन मानक का पालन हमेशा करें। ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्र तो दूर शहरी क्षेत्र में ही इसका पालन केवल वही कर रहे हैं जिन्हें कोरोना से डर है। सउ़कों पर भी अन्य दिनों की अपेक्षा रोज-ब-रोज चहल-पहल बढ़ती जा रही है। दुकानों व समूह में
सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार हो जा रहा है। बंदी के दिन केवल ब्रेड, किराना, मेडिकल स्टोर, दूध, सब्जी व फल की ही दुकानें खुलनी थी। इसके इतर रेडीमेड कपड़े, प्लास्टिक सामान, मोबाइल शॉप, हार्डवेयर, फर्नीचर, मिठाई की कुछ दुकानें भी खुली देखी गईं। कुछ जगहों पर दुकानदारों ने आधा शटर उठाकर अपना कारोबार निपटाया।
विज्ञापन
खागा। साप्ताहिक बाजार बंदी में दुकानों के शटर तो बंद थे लेकिन बिक्री भी हो रही थी। लॉकडाउन-4 में जिला प्रशासन ने गुरुवार को साप्ताहिक बंदी घोषित किया था। व्यापारी दुकानों के शटर तो गिराए थे लेकिन बाहर ग्राहकों के इंतजार में अधिकांश बैठे रहे। ग्राहक के आते ही सामानों का पर्चा बनाकर दुकान के अंदर से सामान पैक कर देते रहे। बुधवार को सीओ अंशुमान मिश्र और कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने व्यापारियों की कोतवाली में बैठक कर दुकानें बंद करने की अपील की थी। इसके बाद भी कइयों पर असर नहीं हुआ। सुपर मार्केट, लोहाई मंडी, मीना बाजार, जीटी रोड की दुकानों से बिक्री होती रही। वहीं पुलिस के आते ही दुकानों के आगे बैठे व्यापारी हट जाते थे। यह सिलसिला शाम सात बजे तक चलता रहा।
======================
विज्ञापन
बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। शासन लोगों की सुविधा के लिए ढील दे रहा है। पर, साथ ही अपील की जा रही है कि वह मॉस्क, हैंडवाश व सोशल डिस्टेंसिंग यह तीन मानक का पालन हमेशा करें। ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्र तो दूर शहरी क्षेत्र में ही इसका पालन केवल वही कर रहे हैं जिन्हें कोरोना से डर है। सउ़कों पर भी अन्य दिनों की अपेक्षा रोज-ब-रोज चहल-पहल बढ़ती जा रही है। दुकानों व समूह में
विज्ञापन
सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार हो जा रहा है। बंदी के दिन केवल ब्रेड, किराना, मेडिकल स्टोर, दूध, सब्जी व फल की ही दुकानें खुलनी थी। इसके इतर रेडीमेड कपड़े, प्लास्टिक सामान, मोबाइल शॉप, हार्डवेयर, फर्नीचर, मिठाई की कुछ दुकानें भी खुली देखी गईं। कुछ जगहों पर दुकानदारों ने आधा शटर उठाकर अपना कारोबार निपटाया।
विज्ञापन
खागा। साप्ताहिक बाजार बंदी में दुकानों के शटर तो बंद थे लेकिन बिक्री भी हो रही थी। लॉकडाउन-4 में जिला प्रशासन ने गुरुवार को साप्ताहिक बंदी घोषित किया था। व्यापारी दुकानों के शटर तो गिराए थे लेकिन बाहर ग्राहकों के इंतजार में अधिकांश बैठे रहे। ग्राहक के आते ही सामानों का पर्चा बनाकर दुकान के अंदर से सामान पैक कर देते रहे। बुधवार को सीओ अंशुमान मिश्र और कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने व्यापारियों की कोतवाली में बैठक कर दुकानें बंद करने की अपील की थी। इसके बाद भी कइयों पर असर नहीं हुआ। सुपर मार्केट, लोहाई मंडी, मीना बाजार, जीटी रोड की दुकानों से बिक्री होती रही। वहीं पुलिस के आते ही दुकानों के आगे बैठे व्यापारी हट जाते थे। यह सिलसिला शाम सात बजे तक चलता रहा।
======================