{"_id":"5ebae9cb8ebc3e9084665b0c","slug":"other-fatehpur-news-knp559838071","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुल्तानपुर की बजाय जिले में आ पहुंची प्रवासियों की बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुल्तानपुर की बजाय जिले में आ पहुंची प्रवासियों की बस
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प्रेमनगर। प्रवासियों को लेकर बुलंदशहर से सुल्तानपुर जा रही रोडवेज बस जिले के सुल्तानपुर घोष में आ गई। पता चलने पर सभी सोलह लोगों को कौशांबी के रूट से गंतव्य के लिए भेजा गया।
खुर्जा डिपो की बस के चालक को रास्ता पता नहीं था। बस में सोलह लोग थे। यात्रियों के यह कहने पर कि उन्हें रूट मालूम है, चालक चल दिया। सुल्तानपुर घोष में यात्रियों को क्वारंटीन सेंटर गणेश शंकर विद्यार्थी बालिका इंटर कालेज भेज दिया। बिना पूर्व सूचना के प्रवासियों की बस देख कालेज के अध्यापक महेश प्रताप पांडेय व संतलाल
मौर्य बाहर आ गए। बस से उतर रहे प्रवासियों को दोबारा बस में बैठाया। चालक को फतेहपुर से लखनऊ मार्ग पकड़ना चाहिए। उन्होंने देवीगंज कौशांबी की ओर से सही मार्ग का पता देकर बस को वापस भेजा। मार्ग भटकने से चालक को डेढ़ सौ किमी का चक्कर लग गया।
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खागा। क्षेत्र के करीब-करीब सभी गांवों में दिल्ली, मुंबई, सूरत, लुधियाना, चेन्नई आदि शहरों के प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। गांव में चर्चा है कि इनमें कई ऐसे हैं जिन्होंने थर्मल स्क्रीनिंग नहीं कराई है। यह सभी घरों में रह रहे,
गांवों में घूम रहे हैं। जिनके पर्चों में 14 दिन होम क्वारंटीन लिखा है, वह भी घूमते नजर आ रहे। निगरानी समिति के अध्यक्ष व सदस्यों का भी वह कहना नहीं मान रहे। एसडीएम विजय शंकर तिवारी का कहना है कि निगरानी समिति के लोगों को चाहिए कि वह ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को दें। संवाद
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खुर्जा डिपो की बस के चालक को रास्ता पता नहीं था। बस में सोलह लोग थे। यात्रियों के यह कहने पर कि उन्हें रूट मालूम है, चालक चल दिया। सुल्तानपुर घोष में यात्रियों को क्वारंटीन सेंटर गणेश शंकर विद्यार्थी बालिका इंटर कालेज भेज दिया। बिना पूर्व सूचना के प्रवासियों की बस देख कालेज के अध्यापक महेश प्रताप पांडेय व संतलाल
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मौर्य बाहर आ गए। बस से उतर रहे प्रवासियों को दोबारा बस में बैठाया। चालक को फतेहपुर से लखनऊ मार्ग पकड़ना चाहिए। उन्होंने देवीगंज कौशांबी की ओर से सही मार्ग का पता देकर बस को वापस भेजा। मार्ग भटकने से चालक को डेढ़ सौ किमी का चक्कर लग गया।
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खागा। क्षेत्र के करीब-करीब सभी गांवों में दिल्ली, मुंबई, सूरत, लुधियाना, चेन्नई आदि शहरों के प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। गांव में चर्चा है कि इनमें कई ऐसे हैं जिन्होंने थर्मल स्क्रीनिंग नहीं कराई है। यह सभी घरों में रह रहे,
गांवों में घूम रहे हैं। जिनके पर्चों में 14 दिन होम क्वारंटीन लिखा है, वह भी घूमते नजर आ रहे। निगरानी समिति के अध्यक्ष व सदस्यों का भी वह कहना नहीं मान रहे। एसडीएम विजय शंकर तिवारी का कहना है कि निगरानी समिति के लोगों को चाहिए कि वह ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को दें। संवाद