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अचानक बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं को पहुंचाया नुकसान
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असोथर (फतेहपुर)। लॉकडाउन के बीच मौसम के बदले तेवरों ने किसानों को एक बार फिर चिंता में डाल दिया। शनिवार की सुबह बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। असोथर के जागेश्वर धाम मंदिर में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने से मंदिर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हल्की बारिश और ओलों से गेहूं की खड़ी फसल में तो अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ लेकिन जो फसल कटकर खेत में ही पड़ी रह गई थीे, उसमें ज्यादा नुकसान हो गया।
जागेश्वर धाम मंदिर करीब ढाई सौ साल पुराना है। गोधरामऊ गांव के शिवपूजन चौरसिया ने दशक पहले मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। पुजारी रामेश्वर गोस्वामी ने बताया कि वह मंदिर के ही एक हिस्से में आराम कर रहे थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। अचानक गरज-चमक के साथ तेज आवाज से सभी लोग सहम गए। बारिश रुकने के बाद जब देखा तो मंदिर में शिवलिंग के अरघे का फर्श व शीशा टूटा पड़ा था। मंदिर के गुंबद के पास पांच से छह फीट तक दरार आ गई है। मंदिर में तेरस की शिवरात्रि पर हर साल बड़ा मेला लगता है। यह मेला होली के दिन खत्म होता है। मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर असोथर गाजीपुर मार्ग पर झब्बापुर गांव के पास स्थित है।
कटी फसल को सुरक्षित जगह रखने की सलाह
सुबह-सुबह बदले मौसम की वजह से कई स्थानों पर बिजली पर कड़की। विजयीपुर क्षेत्र में ज्यादा मात्रा में ओले गिरे। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि आगामी दो तीन दिनों में गरज चमक, ओले और आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। उन्होंने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह पर रखने अथवा ढक कर रखने की सलाह दी है।
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जागेश्वर धाम मंदिर करीब ढाई सौ साल पुराना है। गोधरामऊ गांव के शिवपूजन चौरसिया ने दशक पहले मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। पुजारी रामेश्वर गोस्वामी ने बताया कि वह मंदिर के ही एक हिस्से में आराम कर रहे थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। अचानक गरज-चमक के साथ तेज आवाज से सभी लोग सहम गए। बारिश रुकने के बाद जब देखा तो मंदिर में शिवलिंग के अरघे का फर्श व शीशा टूटा पड़ा था। मंदिर के गुंबद के पास पांच से छह फीट तक दरार आ गई है। मंदिर में तेरस की शिवरात्रि पर हर साल बड़ा मेला लगता है। यह मेला होली के दिन खत्म होता है। मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर असोथर गाजीपुर मार्ग पर झब्बापुर गांव के पास स्थित है।
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कटी फसल को सुरक्षित जगह रखने की सलाह
सुबह-सुबह बदले मौसम की वजह से कई स्थानों पर बिजली पर कड़की। विजयीपुर क्षेत्र में ज्यादा मात्रा में ओले गिरे। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि आगामी दो तीन दिनों में गरज चमक, ओले और आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। उन्होंने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह पर रखने अथवा ढक कर रखने की सलाह दी है।
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