{"_id":"5e99f1768ebc3e72bc034e26","slug":"other-fatehpur-news-knp555738244","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौबीस दिन से एक भी निगेटिव ग्रुप का खून नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौबीस दिन से एक भी निगेटिव ग्रुप का खून नहीं
विज्ञापन
फतेहपुर। कोरोना जैसी महामारी के वक्त भी जिले अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में अकाल पड़ा है। हाल यह है कि 24 दिन से इस रक्तकोष में एक भी निगेटिव ग्रुप का खून नहीं है।
सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 250 यूनिट की है। इस वक्त यहां पर ए, बी, एबी और ओ पाजिटिव ग्रुप का एक-एक यूनिट ही खून उपलब्ध है। तीन हफ्ते से यहां महज पाजिटिव खून उपलब्ध है। यूपी एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ज्वाइंट डायरेक्टर गीता अग्रवाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस बात का पता चला। ज्वाइंट डायरेक्टर
ने सामाजिक दूरी का हवाला देते हुए काम करने की बात कही है। मामले में ब्लड बैंक इंचार्ज रुचि गुप्ता का कहना है कि लॉकडाउन के चलते कैंप नहीं लगवाए जा सकते हैं। खून की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोगों से अपील की जाएगी। यदि इससे भी काम नही चलेगा तो अस्पताल के हर स्टाफ से ऐसी गुजारिश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 250 यूनिट की है। इस वक्त यहां पर ए, बी, एबी और ओ पाजिटिव ग्रुप का एक-एक यूनिट ही खून उपलब्ध है। तीन हफ्ते से यहां महज पाजिटिव खून उपलब्ध है। यूपी एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ज्वाइंट डायरेक्टर गीता अग्रवाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस बात का पता चला। ज्वाइंट डायरेक्टर
विज्ञापन
ने सामाजिक दूरी का हवाला देते हुए काम करने की बात कही है। मामले में ब्लड बैंक इंचार्ज रुचि गुप्ता का कहना है कि लॉकडाउन के चलते कैंप नहीं लगवाए जा सकते हैं। खून की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोगों से अपील की जाएगी। यदि इससे भी काम नही चलेगा तो अस्पताल के हर स्टाफ से ऐसी गुजारिश की जाएगी।
विज्ञापन