{"_id":"5e99f1778ebc3e76b3253d62","slug":"other-fatehpur-news-knp555737733","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिलचिलाती धूप में मवेशियों को खिलाया जाता है चारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिलचिलाती धूप में मवेशियों को खिलाया जाता है चारा
विज्ञापन
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण मवेशियों में न फैले, इसके लिए थरियांव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप ने मवेशियों को ताजा चारा और साफ पानी पिलाने की अपील की है। साथ ही साफ-सुथरे स्थान पर बांधने और खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू टीके लगवाने का सुझाव दिया है।
पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप का कहना है कि मवेशियों को चारा, पानी के समय मास्क लगाए रखें। चरही व हौद को नियमित रूप से साफ करें और चूना से पुताई करा दें। गर्मी के मौसम में पशुओं को ताजा पानी पिलाएं। मवेशियों से दूध निकालने वाला व्यक्ति स्वस्थ्य होना चाहिए। मास्क व गमछा से मुंह को ढंक कर दुहाई करें। हाथ,
पैर के नाखून काट कर रखें और साफ कपड़े पहनें। गाय, भैंस, भेड़ बकरियों को खुरपका, मुंहपका और गलाघोंटू बीमारी का टीका लगवा लें। बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए मवेशियों को गर्मी व लू से बचाव का उपाय करें। हरा चारा नेपियर, सुडान की 10 से 12 दिन में सिंचाई जरूर करें। समय पर सिंचाई न करने से सूखा चारा जहरीला हो जाता है। ऐसे में सिंचाई का विशेष ध्यान दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप का कहना है कि मवेशियों को चारा, पानी के समय मास्क लगाए रखें। चरही व हौद को नियमित रूप से साफ करें और चूना से पुताई करा दें। गर्मी के मौसम में पशुओं को ताजा पानी पिलाएं। मवेशियों से दूध निकालने वाला व्यक्ति स्वस्थ्य होना चाहिए। मास्क व गमछा से मुंह को ढंक कर दुहाई करें। हाथ,
विज्ञापन
पैर के नाखून काट कर रखें और साफ कपड़े पहनें। गाय, भैंस, भेड़ बकरियों को खुरपका, मुंहपका और गलाघोंटू बीमारी का टीका लगवा लें। बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए मवेशियों को गर्मी व लू से बचाव का उपाय करें। हरा चारा नेपियर, सुडान की 10 से 12 दिन में सिंचाई जरूर करें। समय पर सिंचाई न करने से सूखा चारा जहरीला हो जाता है। ऐसे में सिंचाई का विशेष ध्यान दें।
विज्ञापन