फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   other

सेब व गुड़ का चढ़ाया प्रसाद, बजाया गया शंख

Fri, 27 Mar 2020 10:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 10:09 PM IST
विज्ञापन
other
फतेहपुर। नवरात्र का शुक्रवार को तीसरा दिन रहा। मां दुर्गा के तीसरे रूप चंद्रघंटा की पूजा हुई। पूजा-अर्चना के साथ सेब और गुड़ का प्रसाद चढ़ाया गया। घंटी व शंख बजाकर सुख शांति की कामना की गई।
विज्ञापन

मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजा करने के लिए घरों में भक्तों ने कलश स्थापित किया है। माता के तीसरे स्वरूप को शुक्रवार को भक्तों ने गाय के दूध से बने मिष्ठान, सेब, गुड़ का भोग लगाया। माता दुर्गा की आरती की। आचार्य दुर्गादत्त शास्त्री ने मां चंद्रघंटा की पूजा के महत्व को बताते हुए कहा कि देवी के मस्तक पर घंटे के आकर का अर्धचंद्र है। इसीलिए देवी के इस रूप को चंद्रघंटा कहा जाता है। माता चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्त के सभी पाप और बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसलिए भक्तों को नवदुर्गा के इस स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करना चाहिए। इससे सांसारिक कष्टों से मुक्ति और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होगा। देवी के शरीर का रंग सोने जैसा चमकीला है। देवी के 10 हाथ हैं। देवी अपने दस हाथों में खड़क, तलवार, ढाल, गदा, पाश, त्रिशूल, चक्र, धनुष, भरे हुए तरकश लिए हैं, जो साधकों को मुग्ध करते हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी पूजा करने से साधक को निर्भय बनाता है। साधक सौम्य और विनम्र बनता है। साधक के मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में एक अद्भुत चमक की वृद्धि होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed