{"_id":"5df294918ebc3e87c20e4cef","slug":"other-fatehpur-news-knp5318295132","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी लेखपालों का कार्य बहिष्कार जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी लेखपालों का कार्य बहिष्कार जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। मांगे पूरी न होने नाराज लेखपाल तीसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। गुरुवार को भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। जिससे तहसीलों में कामकाज प्रभावित हुए।
लेखपाल संघ की उपशाखा के मंत्री राजाराम के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने प्रमोशन विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, भत्ते और पदनाम परिवर्तन की मांगे पूरी न होने से लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों ने सरकार के विरोध में नारे लगाए और कमलबंद हड़ताल जारी
रखी। जिसकी वजह से विभिन्न प्रमाण पत्रों, पेंशन फार्मों के सत्यापनों और जमीनों के पैमाइश संबंधी काम नहीं हो पाए। खागा और बिंदकी तहसील में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। शुक्रवार को खागा और बिंदकी के लेखपाल जिला मुख्यालय आकर धरने में शामिल होंगे। सदर तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपाल केदारनाथ अवस्थी, अशोक कुमार तिवारी, उमादत्त तिवारी, ज्ञान सिंह, हरगोविंद, बीरेंद्र सिंह, चिंतारमण पांडेय, सूर्यबली, भोला प्रसाद आदि लेखपाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लेखपाल संघ की उपशाखा के मंत्री राजाराम के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने प्रमोशन विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, भत्ते और पदनाम परिवर्तन की मांगे पूरी न होने से लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों ने सरकार के विरोध में नारे लगाए और कमलबंद हड़ताल जारी
विज्ञापन
रखी। जिसकी वजह से विभिन्न प्रमाण पत्रों, पेंशन फार्मों के सत्यापनों और जमीनों के पैमाइश संबंधी काम नहीं हो पाए। खागा और बिंदकी तहसील में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। शुक्रवार को खागा और बिंदकी के लेखपाल जिला मुख्यालय आकर धरने में शामिल होंगे। सदर तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपाल केदारनाथ अवस्थी, अशोक कुमार तिवारी, उमादत्त तिवारी, ज्ञान सिंह, हरगोविंद, बीरेंद्र सिंह, चिंतारमण पांडेय, सूर्यबली, भोला प्रसाद आदि लेखपाल मौजूद रहे।
विज्ञापन