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आदेश ‘डस्टबिन’ में, दुकानों में खाद्य सामग्री पॉलीथिन में बेची गई
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:40 AM IST
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प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लग चुका है। शहर में प्रतिबंध के पहले दिन ही दुकानदार रोज की तरह पॉलीथिन के बैग, पन्नी, पारदर्शी यूज एंड थ्रो झोलों का प्रयोग करते दिखे। खुलेआम इसका प्रयोग दुकानों पर हो रहा है। दुकानदार बेच रहे हैं और खरीददार सामान के साथ इसे लेकर घर जा रहे हैं।
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आदेश के पहले दिन जब इसे देखने संवाददाता बाजार में निकला तो उसे कहीं भी इस पर रोकटोक नहीं दिखी। चाय-पान की दुकान से लेकर किराना, मेडिकल स्टोर सभी जगह पॉलीथिन का प्रयोग होता दिखा।
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ताज्जुब यह रहा कि ज्यादातर लोगों को अभी यह भी जानकारी नहीं हुई है कि शासन ने इसकी पाबंदी पर अधिसूचना जारी कर दी है। उप जिलाधिकारी सदर विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए छापेमारी की जाएगी। दुकानों में निरीक्षण
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यदि कोई पॉलीथिन का इस्तेमाल करता मिला तो कार्रवाई भी होगी।
सीन एक
यह नजारा है शहर के पटेलनगर स्थित एक दुकान का। यह जनाब मजे से पॉलीथिन में खाद्य सामग्री भरकर बेचते नजर आए। पूछने पर बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। जब तक कोई मना नहीं करता तब तक बेचते रहेंगे। इसी प्रकार दूसरे किराना व्यवसायी राकेश सविता, सब्जी दुकानदार मोहम्मद इदरीश ने बताया कि कोर्ट या शासन के किसी आदेश की जानकारी नहीं है लेकिन आदेश होगा तो मानना ही पड़ेगा।
सीन दो
रेलवे स्टेशन परिसर के पास पॉलीथिन में एक दुकानदार मूंगफली भरते दिखा। जानकारी लेने पर बताया कि ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है। किसी ने उनसे ऐसा न करने से अब तक रोका भी नहीं है। यहां पर चाय की दुकान खोले बाबूलाल ने बताया कि अभी तक तो ग्राहकों को पॉलीथिन में चाय दे देते थे लेकिन अब कै से देंगे।
सीन तीन
यही हालात हरिहरगंज दलाके के हैं। यहां पर भी दुकानदार ग्राहक को पॉलीथिन में रखकर ब्रेड देता मिला। दुकानदार ने बताया कि कोर्ट का आदेश तो पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा है लेकिन इसका सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने से ही जागरूकता फैलेगी। फलों का ठेला लगाए रोशन ने बताया कि पॉलीथिन का प्रयोग न करने का आदेश मालूम नहीं है। अभी तक किसी ने मना भी नहीं किया इसलिए प्रयोग कर रहे हैं।
सीन चार
पटेलनगर में भी पॉलीथिन का दिनभर ग्राहकों और दुकानदारों ने इस्तेमाल किया। यहां पर दुकानदार ने ग्राहक के मांगने पर मूंगफली तौली और पॉलीथिन में भरकर ग्राहक को दे दी। बताया कि कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। वैसे भी पहले से जो पॉलीथिन रखी हैं उसे तो निकालना ही पड़ेगा।
हाथों में दिखेंगे कागज के लिफाफे और कपड़े के झोले
फतेहपुर। पॉलीथिन पर रोक लगने के बाद प्लास्टिक व्यवसायियों को भले ही लाखों रुपये की चपत लग रही हो लेकिन प्रदूषण नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। पॉलीथिन की जगह लोग कागज के बने लिफाफे और कपड़े के झोले का इस्तेमाल करेंगे। शहर के चौक इलाके में पॉलीथिन की दुकान रखे दुकानदार मोहम्मद सादाब हाईकोर्ट का आदेश सुनने के बाद सन्न रह गए। बताया कि उसने पिछले महीने 15 हजार की पॉलीथिन मंगाई थी जिसमें अभी आधा भी माल नहीं बिका। ऐसे में तो नुकसान हो जाएगा। इसी प्रकार लालाबाजार में पॉलीथिन के थोक विक्रेता सुरेश चंद्र ने बताया कि वह खागा और बिंदकी क्षेत्रों में भी सप्लाई करते हैं। हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की पॉलीथिन बिक जाती है, अब तो नुकसान हो जाएगा।
पाबंदी के बाद भी दुकानों में चली पॉलीथीन
खागा। सरकार ने पॉलीथीन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके बाद भी किराना, मिठाई की दुकानों, क्लाथ स्टोर ,शू स्टोर, सब्जी व फल की दुकानों सहित ज्यादातर प्रतिष्ठानों में खुलेआम पॉलीथीन में सामान भर कर दिया जा रहा है। नगर के किराना व्यापारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि पॉलीथीन बंद होने से कागज के बने खोखे और झोले का प्रयोग अधिक होगा। व्यापारी संगम लाल गुप्ता ने बताया कि पालीथीन बंद होने से कपड़े के बने झोले का प्रयोग दोबारा होने लगेगा। वहीं प्रदूषण में भी सुधार होगा।