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आय, जाति, निवास किस कारण रोके जा रहे, मांगा जवाब
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खागा। किशनपुर नगर पंचायत से सटी नई बस्ती के लोगों के आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र न बनाए जाने पर एसडीएम ने सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने तहसीलदार, कानूनगो और संबंधित लेखपाल से जवाब तलब किया है। पूछा है कि आखिर किस कारण से प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर अभी भी नगर पंचायत किशनपुर का जवाब गोलमोल है।
नई बस्ती के करीब 550 परिवारों को तहसील प्रशासन की ओर से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नौ माह से जारी नहीं किए जा रहे हैं। आवेदन करने पर, पता गलत है बता दिया जाता है। इसी तरह से यहां के लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र भी नहीं मिल रहे हैं। वह नगर पंचायत में ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो कर्मचारी
उन्हें नगर की सीमा से बाहर का बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में इस समस्या को उजागर किया तो एसडीएम आशीष कुमार ने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल से जवाब तलब किया गया है। उनसे पूछा गया है कि किन कारणों के चलते आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं और प्रमाणपत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। इस समस्या का निस्तारण हरहाल में जल्द किया जाएगा।
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नई बस्ती के लोगों का नौ माह पहले तक जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पंचायत से ही जारी हो रहा था। यहां के लोग अभी तक नाम नगर पंचायत क्षेत्र के ही मतदाता हैं। उनका भी नगर पंचायत की वोटर लिस्ट में है। राशन कार्ड भी यही का है। लेकिन जब से नई बस्ती में हुए लाखों रुपये के विकास कार्यों की जांच शुरू है तो
यहां के लोगों के प्रमाणपत्र भी नगर पंचायत में बनने बंद हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वालों को बताया जाता है कि वह नगर पंचायत सीमा से बाहर के हैं। इसलिए ग्राम सभा स्तर से प्रयास करें। ईओ किशनपुर अजय
पांडेय ने बताया कि नई बस्ती के आवेदकों को कर्मचारी द्वारा इस बात की जानकारी दी जा रही है कि वह नगर सीमा से बाहर के हैं। फिलहाल नई बस्ती के आवेदकों को जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं जारी किए जा रहे हैं। मौजूदा समय कस्बे में कितने प्रमाणपत्र जारी हुए या लंबित हैं, इसकी जानकारी पूछने के बाद ही बताई जा सकती है।
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नई बस्ती के करीब 550 परिवारों को तहसील प्रशासन की ओर से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नौ माह से जारी नहीं किए जा रहे हैं। आवेदन करने पर, पता गलत है बता दिया जाता है। इसी तरह से यहां के लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र भी नहीं मिल रहे हैं। वह नगर पंचायत में ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो कर्मचारी
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उन्हें नगर की सीमा से बाहर का बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में इस समस्या को उजागर किया तो एसडीएम आशीष कुमार ने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल से जवाब तलब किया गया है। उनसे पूछा गया है कि किन कारणों के चलते आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं और प्रमाणपत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। इस समस्या का निस्तारण हरहाल में जल्द किया जाएगा।
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नई बस्ती के लोगों का नौ माह पहले तक जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पंचायत से ही जारी हो रहा था। यहां के लोग अभी तक नाम नगर पंचायत क्षेत्र के ही मतदाता हैं। उनका भी नगर पंचायत की वोटर लिस्ट में है। राशन कार्ड भी यही का है। लेकिन जब से नई बस्ती में हुए लाखों रुपये के विकास कार्यों की जांच शुरू है तो
यहां के लोगों के प्रमाणपत्र भी नगर पंचायत में बनने बंद हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वालों को बताया जाता है कि वह नगर पंचायत सीमा से बाहर के हैं। इसलिए ग्राम सभा स्तर से प्रयास करें। ईओ किशनपुर अजय
पांडेय ने बताया कि नई बस्ती के आवेदकों को कर्मचारी द्वारा इस बात की जानकारी दी जा रही है कि वह नगर सीमा से बाहर के हैं। फिलहाल नई बस्ती के आवेदकों को जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं जारी किए जा रहे हैं। मौजूदा समय कस्बे में कितने प्रमाणपत्र जारी हुए या लंबित हैं, इसकी जानकारी पूछने के बाद ही बताई जा सकती है।